देहरादून । पिछले तीन दिनों से उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रहा ऊहापोह थमता नजर आ रहा है। राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी और मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की मुलाकात के बाद अनिश्चितता के बादल छंट गये हैं। उधर देहरादून में वरिष्ठ विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने रात में ग्यारह बजे पत्रकारों से बातचीत में साफ कहा कि मुख्यमंत्री से विधायकों की कोई नाराजगी नहीं है। हालांकि उन्होंने सीएम को लेकर आलाकमान ने क्या कहा इस सवाल को टाल दिया।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत बीते रोज दिल्ली में जेपी नड्डा व अन्य केंद्रीय नेताओं से मिले। खासतौर पर अनिल बलूनी और त्रिवेन्द्र की मुलाकात के बाद ये लगभग तय हो गया कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की कुर्सी कोई खतरा नहीं है।
उधर आज दोपहर वह मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत देहरादून लौट कर अपने आवास पर लौटेंगे। देहरादून में मुख्यमंत्री से मिलने कई विधायक पहुंचेंगे। प्रदेश भर से भाजपा के विधायक ही नहीं वरन मेयर भी देहरादून में मुख्यमंत्री से मिलेंगे। सूत्रों की मानें तो यह त्रिवेन्द्र सिंह रावत का शक्ति परीक्षण भी होगा।
कुल मिलाकर आज शाम स्थिति साफ हो जायेगी। बहरहाल अभी तक की स्थिति की अगर बात की जाये तो त्रिवेन्द्र सिंह रावत मुख्यमंत्री बने रहेंगे। चुनाव से थोड़े समय पहले मुख्यमंत्री बदलने का पार्टियों को लाभ कम नुकसान ज्यादा हुआ है।



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