@शब्द दूत ब्यूरो
चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर फटने से अलकनंदा तथा धौलीगंगा नदियों में हिमस्खलन और बड़े पैमाने पर बाढ़ आ गई है। विकराल बाढ़ के बाद गढ़वाल क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है। हालांकि, बाढ़ से अभी तक जनहानि की कोई सूचना नहीं है, लेकिन ऋषिगंगा पर बनी एक बिजली परियोजना को इससे भारी नुकसान पहुंचा है। इसमें कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। अलकनंदा और धौलीगंगा नदी के किनारे बसे लोगों को निकालने का काम चल रहा है।
गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य में आई आपदा को लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से बात की है। बाढ़ से चमोली जिले के निचले इलाकों में खतरे को देखते हुए एसडीआरएफ और जिला प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे नदियों के किनारे पर न जाएं।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट में कहा, “राहत की खबर ये है कि नंदप्रयाग से आगे अलकनंदा नदी का बहाव सामान्य हो गया है। नदी का जलस्तर सामान्य से अब एक मीटर ऊपर है, लेकिन बहाव कम होता जा रहा है। राज्य के मुख्य सचिव, आपदा सचिव, पुलिस अधिकारी एवं मेरी समस्त टीम आपदा कंट्रोल रूम में स्थिति पर लगातार नज़र रख रही है।”
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में फंसे लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर आप प्रभावित क्षेत्र में फंसे हैं, आपको किसी तरह की मदद की जरूरत है तो कृपया आपदा परिचालन केंद्र के नम्बर 1070 या 9557444486 पर संपर्क करें। कृपया घटना के बारे में पुराने वीडियो से अफवाह न फैलाएं।”
ग्लेशियर फटने की घटना और आपदा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैं उत्तराखंड में दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा हूं। भारत उत्तराखंड के साथ खड़ा है और देश सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना कर रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं और एनडीआरएफ की तैनाती, बचाव कार्य और राहत कार्यों पर जानकारी ले रहे हैं।” 





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