@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पूर्वोत्तर की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के अंतिम दिन मणिपुर पहुंचे। शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर को अलगाववाद और हिंसा के लिए जाना जाता था, लेकिन पिछले 6 सालों में लगभग सभी सशस्त्र समूहों ने एक के बाद एक हथियार डाल दिए। हिंसा में कमी आई है। मुझे उम्मीद है कि बचे हुए सशस्त्र समूह भी हिंसा छोड़ देंगे और मुख्यधारा में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि पूर्व हो या पश्चिम, दोनों को एक साथ विकसित होना चाहिए, पिछले छह सालों से ऐसा ही हो रहा है।
शाह ने कहा कि इम्फाल में आईटी सेज से पूर्वोत्तर को और लाभ होगा। आईटी सेज कनेक्टिविटी और दिमाग पर चलता है। मणिपुर के युवाओं के पास दिमाग है और मोदी जी कनेक्टिविटी दी है। पहाड़ी या घाटी कोई भी क्षेत्र हो, हम मणिपुर के चौमुखी विकास के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं।
अमित शाह ने कहा, “मैं मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को बधाई देना चाहता हूं। यहां सरकार बने सिर्फ तीन साल हुए हैं। तीन साल के अंदर मोदी जी ने वादों को पूरा किया। मणिपुर में रुकावटें आ रही थी, लोगों को दिक्कत हो रही थी। पिछले तीन सालों में कोई रुकावट नहीं है। बीरेन सिंह सरकार ने मणिपुर को नई पहचान दी है।”
शाह ने कहा, “कांग्रेस ने पूर्वोत्तर में काफी लंबे समय तक राज किया, उन्होंने उग्रवादी संगठनों के साथ बातचीत नहीं की। लोग मर रहे थे और विकास बाधित हो रहा था। विकास के नाम पर, कांग्रेस ने सिर्फ भूमि पूजन किया लेकिन हमने परियोजनाओं का उद्घाटन किया।” 





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