@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो
इंदौर। पश्चिम बंगाल में “पुलिस का अपराधीकरण” हो जाने का आरोप लगाते हुए भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग को राज्य पुलिस को अगले विधानसभा चुनावों से दूर रखना चाहिए। विजयवर्गीय, भाजपा संगठन में पश्चिम बंगाल के प्रभारी महासचिव हैं जहां अगले साल अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव संभावित हैं. इन चुनावों में विपक्षी भाजपा के सामने ममता बनर्जी की अगुवाई वाली सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का गढ़ भेदने की चुनौती है।
विजयवर्गीय ने कहा, “पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। वहां घुसपैठिये आ रहे हैं। अब तो वहां राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सुपारी किलिंग भी शुरू हो गई है।” उन्होंने कहा, “इन चुनौतीपूर्ण हालात के मद्देनजर हमने केंद्र सरकार से कहा है कि या तो पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए या निर्वाचन आयोग सुनिश्चित करे कि अगले विधानसभा चुनाव में वहां के लोग निर्भीक होकर मतदान कर सकें।”
विजयवर्गीय ने कहा, “पिछले दिनों चुनाव आयोग के प्रतिनिधि कोलकाता आए थे। उन्होंने वादा किया है कि वे अगले विधानसभा चुनावों के दौरान केंद्रीय बलों की पर्याप्त तैनाती करेंगे, लेकिन हमने उनसे एक और मांग की है कि राज्य पुलिस को चुनाव प्रक्रिया को दूर रखा जाए क्योंकि वहां पुलिस के राजनीतिकरण के साथ ही पुलिस का अपराधीकरण भी हो गया है।” उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट हासिल करने के लक्ष्य के साथ अपने दम पर अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगी और इस पूर्वी सूबे में पार्टी को किसी अन्य दल के चुनावी सहयोग की आवश्यकता नहीं है।





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