
@शब्द दूत ब्यूरो
काशीपुर । एक विधवा अपने पुत्र की पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेने के लिए पिछले छह महीने से पुलिस चौकी में आ रही है। लेकिन उसे यह कह दिया जाता है कि रिपोर्ट लेने के लिए रुद्रपुर जाना पड़ेगा। कुंडेश्वरी पुलिस चौकी कर्मियों का उस विधवा महिला के प्रति यह असंवेदनशील रवैया पिछले छह माह से चल रहा है। पुलिस चौकी में जाकर इन पंक्तियों के लेखक ने भी स्वयं देखा। यही नहीं मृतक का सामान वापस दिलवाने में मदद भी की। लेकिन 19 अप्रैल 2020 को दुर्घटना में मृत उस युवक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आज तक उसके परिजनों को नहीं मिली है। रूद्रपुर जाने के लिए भी उन दिनों कहा गया जब पूरी तरह से लॉकडाउन लागू था।
19 अप्रैल 2020 को कुंडेश्वरी क्षेत्र में तरूण उपाध्याय पुत्र स्व हरीश चन्द्र उपाध्याय की दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया था। लेकिन मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए कुंडेश्वरी पुलिस चौकी में जाने पर मृतक युवक की विधवा मां जानकी उपाध्याय को पुलिस बैरंग वापस लौटा देती है। यही नहीं कई बार तो उल्टा मृतक की मां को ही गलत साबित करने की कोशिश की जा रही है।
पोस्टमार्टम के बगैर मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहा है जिस वजह से खाद आदि की सब्सिडी व अन्य जरुरी कार्य नहीं हो पा रहे हैं। कुल मिलाकर एक विधवा मां अपने पुत्र की मौत के सदमे के साथ साथ पुलिस की असंवेदनशीलता से टूट चुकी है।
इस बारे में किसी पुलिस अधिकारी का वर्जन यहाँ इसलिए नहीं लिया जा रहा है कि वह मामले की जांच का रटा रटाया जबाव देंगे। लेकिन क्या एक मां जो दुख और पीड़ा झेल रही है उस पर भी महरम लगा पायेंगे? 


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