पटना। बिहार सरकार किसी भी समय फ़िल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले को सीबीआई को देने की विधिवत घोषणा कर सकती है। इस बात का संकेत ख़ुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उस समय दिया जब उन्होंने कहा कि अगर परिवार के लोग बिहार सरकार को इस मामले की जांच की अनुशंसा सीबीआई को देते हैं तो इसमें कोई हर्ज नहीं। वो परिवार वालों के इस मामले पर स्टैंड का इंतज़ार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुरू से इस मामले में स्टैंड लिया है कि जब तक सुशांत के परिवार के लोग नहीं कहेंगे तब तक पटना में उनके पिता द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच चलती रहेगी।
इधर इस मामले में पेंच ये है कि अब सबको लग रहा हैं कि मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया हैं। जहां पटना पुलिस की जांच पर सवाल खड़े हो सकते हैं। क्योंकि घटना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं हुई है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के पहले परिवार के लोग चाहेंगे कि मामले की जांच सीबीआई से हुई है। ऐसे में नीतीश कुमार, जो गृह विभाग के मुखिया भी हैं, ये अनुशंसा अगले चौबीस घंटे में कर सकते हैं। बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय में इस मामले की सुनवाई बुधवार को होनी है।
नीतीश कुमार या उनके सहयोगी भाजपा के लिए ये कदम इसलिए भी राजनीतिक रूप से फ़ायदेमंद हैं क्योंकि न केवल सरकार बल्कि विपक्षी राजद और सहयोगी लोक जनशक्ति की भी मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रही है। ऐसे में नीतीश कुमार के इस कदम से उनके मुद्दे को भी ठंडा किया जा सकता है। नीतीश कुमार अब हर हाल में सुशांत के परिवार के साथ दिखना चाहते हैं क्योंकि चुनावी वर्ष में वो युवाओं और राजपूत जाति के लोगों का आक्रोश नहीं झेलना चाहते, जो इस मुद्दे पर काफ़ी आक्रोश में है।


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