@शब्द दूत ब्यूरो (13 अप्रैल 2026)
काशीपुर। देशभर में स्वच्छता को लेकर बड़े स्तर पर अभियान चलाए जा रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि तक लगातार स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने में जुटे हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर रैलियों और प्रचार अभियानों के माध्यम से लोगों को साफ-सफाई का संदेश दिया जा रहा है।
हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। काशीपुर के कटोराताल पुलिस चौकी के पीछे का दृश्य स्वच्छता अभियान की वास्तविक स्थिति को उजागर करता है। यहां सड़कों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जबकि नगर निगम द्वारा नियमित रूप से कूड़ा वाहन भी भेजे जा रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब हर वार्ड में कूड़ा उठाने की व्यवस्था मौजूद है, तो आखिर कूड़ा सड़कों पर कैसे पहुंच रहा है? इससे साफ है कि केवल सरकार या नगर निगम को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा, बल्कि इसमें आम जनता की लापरवाही भी एक बड़ी वजह बनकर सामने आ रही है।
इसके साथ ही क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या भी गंभीर रूप लेती जा रही है। ये पशु पूरी तरह निराश्रित नहीं हैं, बल्कि इनके मालिक रात में इन्हें आश्रय देते हैं और दिन में खुले में छोड़ देते हैं। ऐसे में ये पशु कूड़े में भोजन तलाशते हैं और सड़कों पर घूमते रहते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो स्वच्छता अभियान केवल कागजों तक सीमित रह जाएगा। जरूरत है कि सरकार के साथ-साथ आम नागरिक भी अपनी जिम्मेदारी समझें और शहर को स्वच्छ बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
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