@शब्द दूत ब्यूरो (11 अप्रैल 2026)
काशीपुर। शहर में स्ट्रीट डॉग्स की समस्या लगातार विकराल होती जा रही है। खासकर घायल और बीमार कुत्तों के इलाज की कोई ठोस सरकारी व्यवस्था न होने से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। ऐसे में स्थानीय स्वयंसेवी संगठन मानवता के आधार पर आगे आकर बेजुबान पशुओं की सेवा कर रहे हैं।
शिवनगर क्षेत्र में पिछले कई दिनों से गंभीर रूप से घायल अवस्था में घूम रहे एक कुत्ते को आज अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर प्रियंका चौधरी ने अपनी टीम के सदस्यों नेहांजलि बजाज, शालिनी सिंह के साथ रेस्क्यू कर उपचार उपलब्ध कराया। इस दौरान उनके साथ करुन्यम एनजीओ और राइज एवर ईगो संस्था के सदस्य भी मौजूद रहे, जो मिलकर निस्वार्थ भाव से पशुओं की सेवा कर रहे हैं।
बॉक्सर प्रियंका चौधरी ने बताया कि उन्होंने शहर के विभिन्न स्थानों पर अपने संपर्क नंबर साझा किए हुए हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति घायल पशु दिखने पर उन्हें सूचना दे सके। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार करती है। हालांकि, उनके सामने सबसे बड़ी समस्या घायल पशुओं को रखने के लिए स्थायी स्थान और पर्याप्त संसाधनों की कमी है।
उन्होंने बताया कि कई बार मजबूरी में घायल पशुओं को अपने घरों में रखना पड़ता है या फिर निजी पशु चिकित्सकों के पास ले जाना पड़ता है, जिसका खर्च स्वयंसेवक अपनी जेब से उठाते हैं। पंतनगर जैसे दूरस्थ स्थानों तक पशुओं को ले जाना भी चुनौतीपूर्ण और खर्चीला होता है।
सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि लंबे समय से सीएम पोर्टल पर शिकायत के बाद काशीपुर में एबीसी (Animal Birth Control) सेंटर तो खुल गया है, जहां कुत्तों की नसबंदी की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है। लेकिन लोगों में इसके प्रति जागरूकता की कमी है। उनका मानना है कि नसबंदी से कुत्तों के आक्रामक व्यवहार में कमी आएगी।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एबीसी सेंटर में घायल पशुओं के इलाज या उन्हें रखने की कोई सुविधा नहीं है। ऐसे में सरकार से मांग की गई है कि काशीपुर में एक समुचित रेस्क्यू और शेल्टर सेंटर स्थापित किया जाए, जहां आम नागरिक भी घायल पशुओं को ले जाकर उनका उपचार करा सकें।
नेहांजलि बजाज का कहना है कि संसाधनों की कमी, फंडिंग का अभाव और स्थान की दिक्कत उनके सामने प्रमुख चुनौतियां हैं। इसके बावजूद वे अपने निजी संसाधनों और परिवार के सहयोग से इस सेवा कार्य को जारी रखे हुए हैं।
उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि वे पशुओं के प्रति संवेदनशील बनें और घायल या बीमार पशु दिखने पर तुरंत सूचना दें, ताकि समय रहते उनकी जान बचाई जा सके।
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