@शब्द दूत ब्यूरो (10 अप्रैल 2026)
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 14 अप्रैल को प्रस्तावित देहरादून दौरा कई मायनों में बेहद खास माना जा रहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री उत्तराखंड की कई बड़ी विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। खास बात यह है कि उनका यह दौरा डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर हो रहा है, जिससे इस कार्यक्रम का महत्व और बढ़ गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर बाबा साहेब के सपनों को साकार करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि अब UCC की लहर पूरे देश में फैल रही है और अन्य राज्य भी इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
धामी ने बताया कि 14 अप्रैल को बैसाखी पर्व भी है, जो सिख समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। इसी दिन गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। उत्तराखंड के तराई क्षेत्र में सिख समुदाय की बड़ी आबादी को देखते हुए यह दिन और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद उत्तराखंड को समय दे रहे हैं, जो उनके राज्य के प्रति विशेष लगाव को दर्शाता है। उन्होंने केदारनाथ में प्रधानमंत्री द्वारा कही गई बात—“यह दशक उत्तराखंड का दशक होगा”—को दोहराते हुए कहा कि राज्य तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है।
धामी के अनुसार, प्रधानमंत्री धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चारधाम और मानसखंड परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर पर भी कार्य तेज किया गया है, खासकर आगामी कुंभ को ध्यान में रखते हुए।
प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान आशारोड़ी स्थित डाक काली टेम्पल में पूजा-अर्चना करेंगे और दिल्ली-देहरादून ग्रीन एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करेंगे। साथ ही देहरादून इकोनॉमी कॉरिडोर की घोषणा भी संभावित है।
देहरादून के महेंद्र ग्राउंड में प्रधानमंत्री की विशाल जनसभा की तैयारियां जोरों पर हैं। डाक काली मंदिर से महेंद्र ग्राउंड तक रोड शो की भी योजना बनाई जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह दौरा आगामी 2027 विधानसभा चुनावों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है और इससे प्रदेश की राजनीति में नई दिशा तय हो सकती है।
Shabddoot – शब्द दूत Online News Portal