@शब्द दूत ब्यूरो (03 अप्रैल 2026)
काशीपुर। पारंपरिक चैती मेले के दौरान एक विवादित कार्रवाई सामने आई है। मेले परिसर के बाहर वर्षों से अस्थायी दुकानें लगाकर आजीविका चलाने वाले छोटे दुकानदारों पर प्रशासन ने अचानक बुलडोजर चलाकर उन्हें हटवा दिया। इस कार्रवाई के बाद प्रभावित दुकानदारों में भारी रोष और आक्रोश देखने को मिला।
दुकानदारों का आरोप है कि वे लंबे समय से मेले के दौरान यहां दुकानें लगाते आ रहे हैं और उनसे नियमित रूप से तहबाजारी शुल्क भी लिया जाता रहा है। बावजूद इसके, बिना पर्याप्त पूर्व सूचना के की गई इस कार्रवाई ने उनके सामने रोज़गार का संकट खड़ा कर दिया है। मौके पर कई दुकानदार रोते-बिलखते नजर आए और उन्होंने इसे अमानवीय बताया।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन की यह कार्रवाई एकतरफा प्रतीत होती है। उनका आरोप है कि शहर के भीतर स्थायी अतिक्रमण, अवैध वाहन पार्किंग और सड़कों पर खड़े वाहनों से पूरे वर्ष जाम की समस्या बनी रहती है, लेकिन इन पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती। ऐसे में केवल कुछ दिनों के लिए दुकान लगाने वाले छोटे व्यापारियों पर ही कार्रवाई सवाल खड़े करती है।
इस मामले को लेकर एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है कि हाल ही में पुष्कर सिंह धामी के काशीपुर दौरे तक यह अतिक्रमण प्रशासन को नजर नहीं आया। लेकिन उनके कार्यक्रम के बाद अचानक बुलडोजर कार्रवाई किए जाने से लोगों में शंका और चर्चा का माहौल है।
जबकि मेला अपने समापन की ओर बढ़ रहा था, ऐसे समय में दुकानदारों को हटाने की जल्दबाजी को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से इस कार्रवाई पर पुनर्विचार करने और प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास की मांग की है।
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और मानवीय दृष्टिकोण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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