@शब्द दूत ब्यूरो (01 अप्रैल 2026)
काशीपुर। गलवलिया इस्पात उद्योग प्राइवेट लिमिटेड को बड़ा झटका देते हुए उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच, ऊधमसिंह नगर (रुद्रपुर) ने कंपनी द्वारा दाखिल की गई करोड़ों रुपये की वापसी की याचिका को खारिज कर दिया है।
कंपनी की ओर से मंच में प्रस्तुत परिवाद में कहा गया था कि उनके पास 27,500 केवीए का विद्युत कनेक्शन है और वे उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अलावा इंडियन एनर्जी एक्सचेंज व कैप्टिव पावर के माध्यम से भी बिजली खरीदते हैं। आरोप था कि विद्युत विभाग द्वारा बाजार से खरीदी गई बिजली पर अतिरिक्त सरचार्ज, क्रॉस सब्सिडी, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी और ग्रीन सेस लगाया गया, जिससे कंपनी पर आर्थिक बोझ बढ़ा।
कंपनी ने इन मदों में अब तक जमा कुल 4,11,58,484 रुपये (चार करोड़ ग्यारह लाख अट्ठावन हजार चार सौ चौरासी रुपये) की धनराशि वापस दिलाने की मांग की थी।
वहीं, विद्युत विभाग की ओर से अधिवक्ता अंबरीश अग्रवाल ने दलील दी कि भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा कैप्टिव जनरेशन प्लांट के लिए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अंतर्गत पंजीकरण अनिवार्य है। संबंधित प्लांट का पंजीकरण न होने के कारण कंपनी को कैप्टिव यूजर नहीं माना जा सकता और इस मामले में राहत देने का अधिकार भी मंच को नहीं है।
दोनों पक्षों की दलीलें व अधिवक्ता अंबरीश अग्रवाल के तर्कों को सुनने के बाद मंच ने विद्युत विभाग के तर्कों को सही मानते हुए कंपनी की याचिका को अस्वीकार कर दिया।
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