@शब्द दूत ब्यूरो (15 मार्च 2026)
नई दिल्ली। उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोकगायक दीवान सिंह कनवाल के आकस्मिक निधन पर उत्तराखंड सदन, नई दिल्ली में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन महाकौथिग की टीम तथा कुमाऊनी भाषा, साहित्य एवं सांस्कृतिक समिति द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
श्रद्धांजलि सभा में उत्तराखंड की संस्कृति, भाषा, साहित्य और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक लोगों ने उपस्थित होकर दिवंगत लोकगायक को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि दीवान सिंह कनवाल ने अपने मधुर स्वरों और लोकगीतों के माध्यम से उत्तराखंड की लोकसंस्कृति को नई पहचान दिलाई। उनके गीतों में पहाड़ की मिट्टी की खुशबू, लोकजीवन की संवेदनाएं और संस्कृति की गहरी झलक मिलती थी।
इस अवसर पर संगीतकार राजेन्द्र चौहान, सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र हालसी, लोक गायिका कल्पना चौहान, वरिष्ठ साहित्यकार पूरन चंद्र कांडपाल, रमेश घिंडियाल, बहादुर सिंह बिष्ट, वरिष्ठ रंगकर्मी के.एन. पांडे, जगदीश तिवारी, भोपाल सिंह रावत, वरिष्ठ पत्रकार चारू तिवारी, दीप सिलोड़ी, हरीश असवाल, मनोज आर्य, सुबोध थपलियाल, संजय उनियाल, भुवन रावत, रेणु उनियाल, शीला पंत, निर्मल नेगी, जगत रावत और महेश गंधर्व सहित विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों से जुड़े कई लोग मौजूद रहे।
सभा के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके द्वारा उत्तराखंड की लोकसंस्कृति के लिए किए गए अमूल्य योगदान को सदैव स्मरण रखने का संकल्प लिया।
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