@शब्द दूत ब्यूरो (25 फरवरी 2026)
मथुरा/बरसाना। ब्रजमंडल में वसंत पंचमी के साथ ही होली उत्सव की शुरुआत हो चुकी है और पूरा क्षेत्र अबीर-गुलाल के रंग में सराबोर नजर आ रहा है। मथुरा के श्री कृष्ण जन्मस्थान वृंदावन के मंदिरों तथा बरसाना –नंदगांव में श्रद्धालु भक्ति और उल्लास के साथ होली महोत्सव मना रहे हैं।
बरसाना स्थित श्री राधा रानी मंदिर (श्रीजी मंदिर) में विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार होली से एक दिन पूर्व पारंपरिक लड्डू होली खेली गई। परंपरा के अनुसार नंदगांव के हुरियारों को निमंत्रण देने के बाद पांडा बरसाना लौटता है। मंदिर परिसर में गोस्वामी और श्रद्धालु उस पर लड्डू फेंककर स्वागत करते हैं। इस अनोखी रस्म के दौरान समाज-गायन और पारंपरिक होली गीतों से वातावरण भक्तिमय हो उठता है।
लड्डू होली के बाद अगले दिन विश्वविख्यात लट्ठमार होली का आयोजन होता है। इसमें नंदगांव के हुरियारे और बरसाना की हुरियारिनें पारंपरिक परिधान में रंग और लाठियों के साथ होली खेलते हैं। यह परंपरा सदियों पुरानी मानी जाती है और इसे देखने देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु व पर्यटक बरसाना पहुंचते हैं।
ब्रज की होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। मंदिरों में फूलों की सजावट, ढोल-मंजीरों की थाप और राधा-कृष्ण के जयकारों के बीच पूरा ब्रज क्षेत्र फाल्गुनी उल्लास में डूबा हुआ है।
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