@शब्द दूत ब्यूरो (23 फरवरी 2026)
काशीपुर। 9 फरवरी से 23 फरवरी तक आमजन को स्मार्ट मीटर के प्रति जागरूक करने और उससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से चलाए गए “स्मार्ट मीटर पखवाड़े” का समापन आवास विकास क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के साथ हुआ। कार्यक्रम में महापौर दीपक बाली, विद्युत विभाग के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
समापन समारोह में महापौर दीपक बाली ने कहा कि जब भी कोई नई तकनीक या इनोवेशन आता है, उसके साथ कई तरह की भ्रांतियां भी फैलती हैं। उन्होंने कहा कि काशीपुर में स्मार्ट मीटर लगाए जाने की शुरुआत उन्होंने स्वयं अपने घर से की थी और पिछले छह-सात महीनों में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता को अपने बिजली उपभोग की पूरी जानकारी मोबाइल ऐप के माध्यम से मिलती है, जिससे वह स्वयं बिजली खर्च पर नियंत्रण रख सकता है।
उन्होंने कहा कि जैसे गैस सिलेंडर और कंप्यूटर के आने पर भी लोगों में आशंकाएं थीं, लेकिन समय के साथ वही तकनीक जीवन का हिस्सा बन गई। उसी प्रकार स्मार्ट मीटर भी पारदर्शिता और बचत का माध्यम है। महापौर ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर से किसी प्रकार की “चीटिंग” संभव नहीं है, क्योंकि पूरा डाटा उपभोक्ता के हाथ में होता है। उन्होंने करारा तंज कसते हुये कहा कि स्मार्ट मीटर उन लोगों के लिए खतरनाक है जो जुगाड़ की बिजली के सहारे रहने की कोशिश करते हैं।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने जानकारी दी कि यदि किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर को लेकर कोई संदेह या शिकायत हो तो वह विभागीय डेस्क पर शिकायत दर्ज करा सकता है। यदि किसी मीटर में तकनीकी खामी पाई जाती है तो उसे निशुल्क बदला जाएगा। महापौर ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में स्मार्ट मीटर को लेकर कोई बड़ी शिकायत सामने नहीं आई है।
उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम क्षेत्र में लगभग 56 हजार मीटर लगाने का लक्ष्य है, जिसमें से करीब 35 हजार मीटर काशीपुर डिवीजन में लगाए जा चुके हैं। पखवाड़े के दौरान काशीपुर, बाजपुर और जसपुर डिवीजन में जागरूकता शिविर लगाए गए, जिनका सकारात्मक प्रतिसाद मिला।
महापौर ने लोगों से सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि जैसे बिजली उपभोग में पारदर्शिता जरूरी है, वैसे ही स्वच्छता और कर भुगतान भी सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने घोषणा की कि होली के बाद प्रत्येक घर तक दो डस्टबिन उपलब्ध कराने की योजना पर कार्य किया जाएगा, ताकि सूखा और गीला कचरा पृथक करने की आदत को बढ़ावा मिले।
कार्यक्रम में विद्युत विभाग अधिशासी अभियंता व अजीत यादव, अधिशासी अभियंता बाजपुर विवेक कांडपाल ने बताया कि स्मार्ट मीटर से संबंधित अधिकांश शिकायतें सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन के दौरान उत्पन्न तकनीकी कारणों से थीं, जिन्हें दूर कर दिया गया है। यदि किसी उपभोक्ता को मीटर की गति को लेकर संदेह हो तो चेक मीटर लगाकर परीक्षण भी किया जा सकता है।
समापन अवसर पर उपस्थित प्रमुख लोगों में पार्षद पुष्कर बिष्ट, योगा विशेषज्ञ डॉ आशीष शर्मा, अधिकारियों और नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए महापौर ने कहा कि बदलते समय में तकनीक के साथ चलना ही विकास का मार्ग है और स्मार्ट मीटर उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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