@शब्द दूत ब्यूरो (23 फरवरी 2026)
देहरादून। नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) 2019 के तहत उत्तराखंड में रह रहे 153 हिंदू शरणार्थियों को भारत की नागरिकता प्रदान की गई है। भारत सरकार एवं राज्य के गृह विभाग द्वारा गहन जांच-पड़ताल के बाद इन आवेदनों को स्वीकृति दी गई।
जानकारी के अनुसार पाकिस्तान से आए 147 तथा अफगानिस्तान से आए 6 लोगों को नागरिकता प्रदान की गई है। कुल 189 लोगों ने पाकिस्तान से आवेदन किया था, जिनमें से 51 आवेदनों पर अभी विचार चल रहा है। ये शरणार्थी मुख्य रूप से पाकिस्तान के सिंध और बलूचिस्तान क्षेत्र से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए थे। इनके परिजन देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और उधम सिंह नगर में पहले से निवास कर रहे हैं, जिसके चलते इन्हें यहां आश्रय मिला।
उल्लेखनीय है कि Citizenship Amendment Act, 2019 के तहत 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आए अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश के हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान किया गया था। यह कानून वर्ष 2019 में संसद से पारित हुआ था।
बताया जा रहा है कि अखंड भारत के शक्तिपीठों में से एक माता हिंगलाज मंदिर के पुजारी परिवार को भी भारत सरकार द्वारा नागरिकता प्रदान की गई है।
सीमा जागरण मंच की भूमिका
सूत्रों के अनुसार सीमा जागरण मंच ने ऐसे परिवारों की पहचान कर उनसे संपर्क स्थापित किया तथा नागरिकता आवेदन प्रक्रिया में सहयोग किया। इसके बाद गृह विभाग और संबंधित एजेंसियों द्वारा आवश्यक जांच की गई।
मुख्यमंत्री का वक्तव्य
मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा CAA में किए गए संशोधन से वर्षों से भारत में रह रहे शरणार्थी परिवारों को राहत मिली है। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उत्पीड़ित परिवारों को सम्मानजनक जीवन का अवसर मिला है।
7 मार्च को हरिद्वार में सम्मान समारोह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 मार्च को उत्तराखंड दौरे पर रहेंगे। हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भारतीय नागरिकता प्राप्त करने वाले परिवारों का सम्मान किया जाएगा। संबंधित नागरिकों से संपर्क कर कार्यक्रम की तैयारी की जा रही है।
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