@शब्द दूत ब्यूरो (13 फरवरी 2026)
देहरादून। उत्तराखंड में हत्या जैसी संगीन आपराधिक घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। दो दिन के भीतर ही प्रदेश के दो प्रमुख शहरों देहरादून और हल्द्वानी में दो भयावह हत्या-कांड सामने आए हैं, जिससे आम लोग भय और असुरक्षा महसूस कर रहे हैं।
देहरादून में राजपुर रोड के सिल्वर सिटी मॉल के पास एक युवक को जिम से बाहर आते ही अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस अब आरोपियों की तलाश कर रही है और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। यह वारदात राजधानी में बढ़ते हत्या मामलों का एक चिंताजनक संकेत है। हालांकि मृतक का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।
उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी शहर में एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। हल्द्वानी की गल्ला मंडी परिसर में गुरुवार सुबह एक युवक और एक युवती के शव खून से सने हालत में मिले, जिनके सिर और चेहरे को पत्थरों से निर्ममता से कुचल कर हत्या की गई थी।
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान 31-साल के शुभम टम्टा (आलमोड़ा निवासी) और 19-साल की लक्ष्मी पोखरिया (नैनीताल निवासी) के रूप में हुई है। घटना की जांच में सीसीटीवी फुटेज, फोन रिकॉर्ड और साक्ष्यों की मदद से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके खिलाफ हत्या, जानलेवा हमले और अन्य आपराधिक मामलों में मामले दर्ज किए गए हैं।
यह हत्या शराब पीकर विवाद के बाद उग्र रूप लेने वाले मारपीट में बदल गई, जिसके परिणामस्वरूप दोनों को बेरहमी से मारा गया और पत्थरों से सिर कुचल दिया गया।
ये दोनों घटनाएँ — देहरादून में गोलीकांड और हल्द्वानी का डबल मर्डर — दर्शाती हैं कि उत्तराखंड में हत्या जैसे गंभीर अपराधों का ग्राफ चिंता जनक रूप से ऊपर की ओर बढ़ रहा है। हल्द्वानी की डबल मर्डर वारदात ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े किए हैं, और राजनीतिक तथा सामाजिक संगठनों ने भी सरकार पर कानून व्यवस्था सुधारने में नाकामी का आरोप लगाया है।
आम जनता में बढ़ती हिंसा और हत्या की घटनाओं को लेकर दहशत और असुरक्षा का माहौल है, जिससे लोग अपने दैनिक जीवन में भय का अनुभव कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन इन मामलों की जांच तेजी से कर रहा है, लेकिन इस तरह की जघन्य वारदातों की बढ़ती संख्या से सवाल उठ रहे हैं कि क्या राज्य स्तर पर कानून-व्यवस्था को मजबूत और प्रभावी बनाने के पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं।
उत्तराखंड में एक ओर देहरादून में गोली मारकर युवक की हत्या हुई, वहीं हल्द्वानी में युवक-युवती का पत्थरों से दर्दनाक तरीके से डबल मर्डर किया गया। इन दोनों मामलों से स्पष्ट होता है कि राज्य में हत्या और गंभीर अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है, जो प्रशासन और पुलिस के सामने बड़ी चुनौती पेश कर रहा है।
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