@शब्द दूत ब्यूरो (23 जनवरी 2026)
काशीपुर। महापौर दीपक बाली ने शुक्रवार को एक लंबी प्रेस वार्ता में भाजपा विधायक अरविंद पांडे के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोलते हुए उन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व को कमजोर करने, पार्टी और सरकार के खिलाफ षड्यंत्र रचने तथा काशीपुर की शांत फिजा को राजनीतिक अखाड़ा बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब चुप नहीं बैठेंगे और यदि काशीपुर में आकर संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति की गई तो उसका खुला विरोध किया जाएगा।
महापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास, सुशासन और पारदर्शिता के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन एक “गिरोह” लगातार मुख्यमंत्री के काम को रोकने और उन्हें कमजोर करने के लिए प्रपंच रच रहा है। उन्होंने बिना लाग-लपेट के कहा कि यह वही लोग हैं जो भाजपा को मां कहते हैं, लेकिन उसी मां को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
दीपक बाली ने कहा कि 2022 में मुख्यमंत्री धामी चुनाव हारे नहीं थे, बल्कि उन्हें हराया गया था और उसी दिन से साजिशों का सिलसिला शुरू हो गया, जो आज तक जारी है। उन्होंने मुख्यमंत्री को एक कर्मठ, युवा और दिन-रात काम करने वाला नेता बताते हुए कहा कि ऐसे मुख्यमंत्री को सीधे नहीं रोक पाए तो षड्यंत्रों के जरिए रोकने की कोशिश की जा रही है।
महापौर ने अंकिता हत्याकांड, सुखवंत सिंह की मृत्यु सहित अन्य मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने हर संवेदनशील मामले में त्वरित निर्णय लेते हुए निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने का काम किया, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग इन घटनाओं पर भी राजनीति करने से नहीं चूके।
अरविंद पांडे पर सीधा हमला बोलते हुए दीपक बाली ने कहा कि उन्होंने काशीपुर को “हल्दीघाटी का मैदान” बना दिया है और गदरपुर की राजनीति को यहां लाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पार्टी ने उन्हें मेयर का टिकट दिया था, तब अरविंद पांडे चुनाव प्रचार में क्यों नहीं आए। यदि काशीपुर से इतना ही प्रेम है तो नगर निगम कार्यालय आकर जनता की समस्याओं के समाधान में हाथ बंटाएं।
महापौर ने स्पष्ट कहा कि 2027 का विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा और जनता की भावनाएं भी यही कहती हैं कि भाजपा की सरकार फिर बनेगी और धामी तीसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री की ईमानदारी पर तंज कसने वाले बयान निंदनीय हैं और यह दर्शाते हैं कि कुछ लोग उनकी काबिलियत को स्वीकार नहीं कर पा रहे।
दीपक बाली ने भाजपा संगठन से भी अपेक्षा जताई कि ऐसे लोगों पर समय रहते संज्ञान लिया जाए। उन्होंने कहा कि पार्टी एक अनुशासित संगठन है, लेकिन यदि कोई लगातार सरकार और संगठन को कमजोर करने में लगा रहेगा तो आने वाले समय में कार्रवाई हो सकती है।
अंत में महापौर ने कहा कि वे भाजपा के एक छोटे कार्यकर्ता हैं, लेकिन पार्टी और मुख्यमंत्री के सम्मान पर आंच नहीं आने देंगे। काशीपुर की शांतिप्रिय जनता को गुमराह करने और अशांति फैलाने की किसी भी कोशिश का जवाब दिया जाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि विकास कार्यों पर विश्वास बनाए रखें और सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दुष्प्रचार से सावधान रहें।
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