@शब्द दूत ब्यूरो (23 जनवरी 2026)
नई दिल्ली। भारत सरकार ने आगामी जनगणना 2027 की तैयारियों के तहत आम नागरिकों से पूछे जाने वाले 33 सवालों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। यह अधिसूचना गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय द्वारा भारत के राजपत्र (द गजट ऑफ इंडिया) में प्रकाशित की गई है।
अधिसूचना के अनुसार, मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के दौरान जनगणना अधिकारी नागरिकों से निम्नलिखित 33 सवाल पूछेंगे—
भवन संख्या (नगर या स्थानीय प्राधिकरण अथवा जनगणना संख्या), मकान संख्या, मकान के फर्श में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री, मकान की दीवार में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री, मकान की छत में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री, मकान का उपयोग, मकान की हालत, परिवार क्रमांक, परिवार में सामान्यतः रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, परिवार के मुखिया का नाम,परिवार के मुखिया का लिंग, क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य से संबंधित है, मकान के स्वामित्व की स्थिति, परिवार के पास रहने के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या, परिवार में रहने वाले विवाहित दंपतियों की संख्या, पेयजल का मुख्य स्रोत, पेयजल स्रोत की उपलब्धता
प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय की उपलब्धता, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था, स्नानघर की उपलब्धता, रसोईघर और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता, खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईंधन, रेडियो/ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट सुविधा, लैपटॉप/कंप्यूटर, टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्ट फोन, साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड कार/जीप/वैन, परिवार द्वारा उपभोग किया जाने वाला मुख्य अनाज, मोबाइल नंबर (केवल जनगणना संबंधी सूचना के लिए) आदि सवाल होंगे।
सरकार के अनुसार, इन प्रश्नों के माध्यम से देश की सामाजिक, आर्थिक और आवासीय स्थिति का व्यापक आकलन किया जाएगा, जिससे भविष्य की विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी नीतियों और संसाधनों के बेहतर आवंटन में मदद मिलेगी।
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जनगणना के दौरान एकत्र की जाने वाली जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहेगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय व नीति निर्धारण के उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सही और सटीक जानकारी देकर इस राष्ट्रीय दायित्व में सहयोग करें।
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