@शब्द दूत ब्यूरो (18 जनवरी 2026)
काशीपुर। शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर अक्सर नगर निगम को कठघरे में खड़ा कर दिया जाता है। लेकिन क्या शहर को स्वच्छ रखने की पूरी जिम्मेदारी केवल नगर निगम की है, या फिर आम नागरिकों की भी इसमें समान भागीदारी होनी चाहिए? इसी सवाल को लेकर काशीपुर शहर में आम जनता से बातचीत की गई, जिसमें सामने आया कि सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए निगम और नागरिक—दोनों की जिम्मेदारी तय है।
नगर निवासी हरिश्चंद्र पंत ने कहा कि पहले की तुलना में शहर की सफाई व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि घर-घर कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों के आने से करीब 70 प्रतिशत लोग नियमित रूप से कूड़ा गाड़ी में डाल रहे हैं। हालांकि शेष 30 प्रतिशत लोग अब भी लापरवाही बरतते हैं और समय पर गाड़ी न मिलने पर कूड़ा नालियों या सड़कों पर फेंक देते हैं। उनका मानना है कि नगर निगम की व्यवस्था के साथ-साथ नागरिकों को भी जिम्मेदार और जागरूक बनना होगा।
वहीं आर.के. भट्ट ने साफ शब्दों में कहा कि घर साफ कर सड़क गंदी करना गलत मानसिकता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी दिन नगर निगम की गाड़ी न आए तो भी नागरिकों को कूड़ा इधर-उधर नहीं फेंकना चाहिए। गंदगी आखिरकार खुद के लिए ही परेशानी बनती है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि कुछ इलाकों में गाड़ियों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है, ताकि कूड़ा सड़क पर न गिरे।
कुछ नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि कई जगहों पर सफाई वाहनों की क्षमता कम होने के कारण कूड़ा रास्ते में गिरता चला जाता है, जिससे सड़कें फिर गंदी हो जाती हैं। इसके बावजूद अधिकांश लोगों ने माना कि पिछले कुछ समय में नगर निगम की ओर से प्रयास बढ़े हैं और नई गाड़ियों के आने से व्यवस्था पहले से बेहतर हुई है।
उदय राज कॉलेज और आसपास के इलाकों का जिक्र करते हुए चिराग जोशी ने बताया कि स्कूलों के पास अब भी कूड़ा जमा रहता है, जिससे आवारा पशुओं और बदबू की समस्या बनी रहती है। उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा सीसीटीवी कैमरे लगाकर चालान की योजना पर काम किया जा रहा है, जिससे आगे चलकर स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
कटोराताल निवासी सतपाल ने कहा कि नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी तभी सुधार हो सकता है।
दुकानदार राजीव शर्मा कहते हैं कि अधिकांश नागरिकों की राय में नगर निगम अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है, लेकिन कुछ लोग नियमों का पालन न कर सफाई व्यवस्था को बिगाड़ रहे हैं। लोगों ने कहा कि गाड़ी आने के बावजूद कूड़ा सड़क या नालियों में डालना पूरी तरह गलत है।
डॉ नासिर चौधरी मौजूदा सफाई व्यवस्था को बेहतर बताते हैं उनका मानना है कि काशीपुर की सफाई व्यवस्था में 50 से 80 प्रतिशत तक सुधार हुआ है, लेकिन इसे पूरी तरह सफल बनाने के लिए आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता बेहद जरूरी है। नगर निगम के साथ-साथ जनता अगर अपनी जिम्मेदारी समझे और नियमों का पालन करे, तभी शहर को वास्तव में स्वच्छ बनाया जा सकता है।
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