@शब्द दूत ब्यूरो (17 जनवरी 2026)
काशीपुर। ऐतिहासिक द्रोणसागर किले पर तेंदुओं का आतंक एक बार फिर सामने आया, लेकिन इस बार प्रशासन और कर्मचारियों की सतर्कता के चलते बड़ी सफलता हाथ लगी। लगातार प्रयासों के बाद कल रात एक तेंदुए को पिंजरे में कैद कर लिया गया, जिससे किले परिसर और आसपास के इलाकों में फैली दहशत कम हुई है।
इस रेस्क्यू अभियान में पुरातत्व विभाग के सुपरिटेंडेंट डॉ. मोहन चंद्र जोशी, संरक्षण सहायक प्रभारी दिनेश कुमार शर्मा काशीपुर सहित वन विभाग के रेंजर देवेन्द्र सिंह व वन कर्मी यशपाल तथा अन्य कर्मचारियों ने अहम भूमिका निभाई। घंटों की मशक्कत और सतर्क रणनीति के बाद तेंदुए को सुरक्षित रूप से पकड़ लिया गया।
बताया जा रहा है कि द्रोणसागर किले पर लंबे समय से तेंदुओं की आवाजाही बनी हुई है। समय-समय पर तेंदुओं के दिखाई देने से न केवल किले में कार्यरत कर्मचारियों बल्कि आसपास के रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों में भी भय का माहौल रहता है। पूर्व में भी तेंदुओं की मौजूदगी की शिकायतें सामने आती रही हैं।
तेंदुए के पकड़े जाने के बाद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई करते हुए तेंदुए को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। वहीं प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि क्षेत्र में सतर्कता बनाए रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।
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