@शब्द दूत ब्यूरो (15 जनवरी 2026)
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में प्रदेश हित से जुड़े 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में जहां गन्ना किसानों, पर्यटन, न्याय व्यवस्था, शिक्षा और संस्कृत संवर्धन से जुड़े फैसले लिए गए, वहीं उपनल कर्मियों के लिए लिया गया निर्णय सबसे अहम और राहत भरा माना जा रहा है।
➡️ उपनल कर्मियों के लिए बड़ी राहत (हाइलाइट निर्णय)
कैबिनेट ने फैसला लिया है कि उपनल के माध्यम से कार्यरत ऐसे कर्मी, जिन्होंने 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर ली है, उन्हें प्रथम चरण में “समान कार्य के लिए समान वेतन” से संबंधित लाभ प्रदान किए जाएंगे।
यह निर्णय जनहित याचिका संख्या-116/2018 (कुन्दन सिंह बनाम उत्तराखण्ड राज्य) में उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में गठित मंत्रिमंडलीय उप-समिति की संस्तुतियों के आधार पर लिया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि राज्य की आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह लाभ चरणबद्ध तरीके से दिया जाएगा।
कैबिनेट के अन्य प्रमुख निर्णय
- गन्ना किसानों को राहत:
- पेराई सत्र 2025-26 के लिए
- अगेती प्रजाति: ₹405 प्रति क्विंटल
- सामान्य प्रजाति: ₹395 प्रति क्विंटल (मिल गेट पर)
- गन्ना विकास अंशदान: ₹5.50 प्रति क्विंटल
- पेराई सत्र 2025-26 के लिए
- चीनी मिलों को सरकारी गारंटी:
- डोईवाला, किच्छा, नादेही व बाजपुर मिलों के लिए
- ₹270.28 करोड़ की शासकीय प्रत्याभूति स्वीकृत
- दून विश्वविद्यालय में हिन्दू अध्ययन केन्द्र:
- 6 नए पदों का सृजन, सेंटर ऑफ हिन्दू स्टडीज की स्थापना
- NDPS, POCSO, PMLA जैसे मामलों के शीघ्र निस्तारण हेतु
- देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल व ऊधम सिंह नगर में
- 16 विशेष न्यायालय, 144 नए पद स्वीकृत
- संस्कृत अकादमी का नाम बदला:
- अब “उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी” → “उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थानम्”
- होम स्टे नियमावली 2026:
- अब केवल राज्य के स्थायी निवासी ही होम-स्टे योजना का लाभ ले सकेंगे
- खेल महाकुंभ में नई चैंपियनशिप ट्रॉफी:
- विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री स्तर पर पुरस्कार व प्रोत्साहन राशि
- केदारनाथ धाम में पर्यावरण संरक्षण पहल:
- खच्चर के गोबर से ईंधन पेलेट बनाने का पायलट प्रोजेक्ट स्वीकृत
- समान नागरिक संहिता (UCC) में संशोधन अध्यादेश को मंजूरी
राजनीतिक व सामाजिक दृष्टि से अहम
विशेषज्ञों का मानना है कि उपनल कर्मियों को लेकर लिया गया फैसला लाखों संविदा व अस्थायी कर्मचारियों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। यह निर्णय आने वाले समय में सरकारी सेवाओं में कार्यरत उपनल कर्मियों की स्थिति को मजबूत करेगा।
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