@शब्द दूत ब्यूरो (03 जनवरी 2026)
काशीपुर। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर काशीपुर में कांग्रेस ने आज जोरदार प्रदर्शन किया। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष अलका पाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी कार्यालय परिसर में धरना देकर मामले में शामिल कथित वीआईपी का नाम सार्वजनिक करने, सीबीआई जांच कराने और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की। कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, महिलाएं और वरिष्ठ नेता धरना स्थल पर जुटे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि तीन साल बीत जाने के बावजूद अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिल पाया है और भाजपा सरकार प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब एक विधायक की पत्नी स्वयं साक्ष्य होने की बात कह रही है, तो सरकार सीबीआई जांच से क्यों बच रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार के पास तमाम एजेंसियां हैं तो फिर सच्चाई सामने लाने में देरी क्यों हो रही है।
महानगर अध्यक्ष अलका पाल सहित अन्य वक्ताओं ने दो टूक कहा कि जब तक अंकिता भंडारी के हत्यारों को फांसी नहीं दी जाती और वीआईपी का नाम उजागर कर उसकी गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस सड़क से लेकर विधानसभा तक संघर्ष करेगी और न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटेगी।
धरने में वक्ताओं ने राज्य में महिला सुरक्षा को लेकर भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का नारा देने वाली सरकार के कार्यकाल में उत्तराखंड महिला उत्पीड़न के मामलों में आगे बढ़ रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। धरना स्थल पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं, अधिवक्ताओं, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और स्थानीय नागरिकों ने एक स्वर में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग की और नारे लगाकर सरकार से तत्काल कार्रवाई की अपील की।
इस धरने में कांग्रेस नेता अनुपम शर्मा, मुशर्रफ हुसैन, मनोज जोशी एडवोकेट, उमेश जोशी एडवोकेट, जितेंद्र सरस्वती, हरीश कुमार सिंह एडवोकेट, संजय चतुर्वेदी, सुशील भटनागर, अब्दुल कादिर, अनिल शर्मा, गोपाल सैनी, अजीता शर्मा, रोशनी बेगम, सरित चतुर्वेदी, शुभम उपाध्याय, समेत भारी संख्या में कांग्रेस जन मौजूद रहे। 
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