@शब्द दूत ब्यूरो (20 दिसंबर 2025)
काशीपुर। शहर के बहुचर्चित जमीन पर कथित कब्जे का मामला इन दिनों बेहद चर्चित हो गया है। शहर के कुछ लोगों ने एक व्यवसायी व प्रॉपर्टी डीलर शक्ति अग्रवाल पर प्रशासन की मिलीभगत से जमीन पर जबरन कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ितों ने पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की जानकारी दी और पुलिस को तहरीर भी सौंपी है।
गुरुवार को सुनील छाबड़ा, पूर्व पालिकाध्यक्ष शमशुद्दीन सहित अन्य लोग पूर्व विधायक से मिले। उन्होंने बताया कि ग्राम चांदपुर स्थित एक भूमि को उन्होंने विधिवत रूप से खरीदा था, जिसकी रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज भी हो चुकी है। आरोप है कि दूसरे पक्ष के एक चर्चित व्यवसायी द्वारा उक्त भूमि पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ितों का कहना है कि बुधवार देर रात करीब दो बजे जेसीबी मशीन की मदद से प्लॉट की चारदीवारी तोड़ दी गई और जमीन पर कब्जे की कोशिश की गई।
पीड़ितों ने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई प्रशासन की शह पर की गई। इस पर पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा ने मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
वहीं तहसीलदार पंकज चंदोला ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है और पैमाइश कर रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने कहा कि यह निजी भूमि का विवाद है और किसी भी प्रकार का काम रोकने या न रोकने के लिए संबंधित पक्ष सिविल कोर्ट की शरण ले सकता है।
इस प्रकरण को लेकर समाजसेवी गगन कांबोज ने आज एक प्रेस कांफ्रेंस कर व्यवसायी शक्ति अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह मामला काशीपुर ही नहीं, बल्कि पूरे जिले और उत्तराखंड में चर्चा का विषय बन चुका है। गगन कांबोज ने दावा किया कि इस पूरे प्रकरण का संज्ञान स्वयं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ले लिया है और मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
गगन कांबोज ने प्रेस कांफ्रेंस में दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि संबंधित जमीन की रजिस्ट्री 28 अक्टूबर 2022 को सुनील छाबड़ा और नमन गुप्ता द्वारा कराई गई थी, जिसके बाद दाखिल-खारिज भी हो गया। बाद में मई 2023 में यह भूमि अन्य लोगों को बेची गई, जिनका भी दाखिल-खारिज रिकॉर्ड में दर्ज है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद हाल ही में रात के अंधेरे में जेसीबी और डंपरों के जरिए जमीन पर कब्जा किया गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाओं से शहर का व्यापारी वर्ग भयभीत है और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में और भी लोग सामने आ सकते हैं। गगन कांबोज ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान यह भी दावा किया गया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले का संज्ञान लेकर जांच बैठा दी है और जल्द ही पैमाइश व जांच रिपोर्ट के आधार पर सच्चाई सामने आ जाएगी।
फिलहाल, जमीन कब्जा प्रकरण को लेकर काशीपुर में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज है। सभी की नजरें अब प्रशासनिक जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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