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भारत रत्न स्व. राजीव गांधी : एक दूरदर्शी नेता का स्मरण, भारत में कंप्यूटर क्रांति के जनक

@विनोद भगत

भारत के इतिहास में 20 अगस्त का दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह दिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी का जन्मदिन है। देश ने उन्हें एक ऐसे युवा और प्रगतिशील नेता के रूप में याद किया है, जिन्होंने आधुनिक भारत की नींव रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

स्व. राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को हुआ था। वे भारत की पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी और स्वतंत्रता सेनानी फिरोज गांधी के पुत्र थे। पायलट के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले राजीव गांधी राजनीति में तब आए जब 1980 में उनके छोटे भाई संजय गांधी का असामयिक निधन हो गया। उसके बाद वे अपनी मां इंदिरा गांधी के सहयोगी के रूप में राजनीति से जुड़े और 1984 में उनकी हत्या के बाद देश की बागडोर उन्होंने संभाली।

स्व. राजीव गांधी के प्रमुख कार्य एवं योगदान

भारत को सूचना प्रौद्योगिकी और कंप्यूटर क्रांति की ओर अग्रसर किया।टेलीकॉम सेक्टर में आम जनता के लिए क्रांतिकारी बदलाव की नींव रखी।73वें और 74वें संविधान संशोधन के जरिए पंचायत राज व्यवस्था और स्थानीय निकायों को अधिक अधिकार दिए।शिक्षा और युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने पर विशेष बल दिया।आधुनिक विज्ञान और तकनीक को विकास का आधार बनाया।देश को 21वीं सदी में ले जाने का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की नई पहचान बनाई।

केवल 40 वर्ष की आयु में प्रधानमंत्री पद संभालने वाले राजीव गांधी देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने। उनके कार्यकाल में भारत ने विज्ञान, तकनीक और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए अध्याय लिखे। वे देश को 21वीं सदी की ओर ले जाने वाले नेता के रूप में याद किए जाते हैं। कंप्यूटर और टेलीकॉम क्रांति, पंचायती राज व्यवस्था को मजबूती, शिक्षा और युवाओं को अवसर देने की दिशा में उन्होंने ऐतिहासिक कदम उठाए।

राजीव गांधी का मानना था कि भारत की असली ताकत गांवों में बसती है। इसी सोच के तहत उन्होंने 73वें और 74वें संविधान संशोधन के माध्यम से पंचायतों और नगर निकायों को अधिक अधिकार दिए। इसके अलावा, उन्होंने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और पारदर्शिता लाने के लिए भी कई प्रयास किए।

राजीव गांधी की छवि एक आधुनिक भारत के निर्माता के रूप में रही। उनका व्यक्तित्व सरल, सौम्य और दूरदर्शी था। उन्होंने न केवल देश के युवाओं को नई दिशा दी बल्कि विश्व पटल पर भी भारत की सशक्त पहचान बनाई।

आज उनके जन्मदिन पर पूरा देश उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता है और उनके योगदान को याद करता है। स्व. राजीव गांधी भले ही शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके सपने, विचार और दृष्टिकोण आज भी भारत के विकास की प्रेरणा बने हुए हैं।

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