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ब्रेकिंग :फिर हुआ एक पत्रकार पर मुकदमा, मीडिया की भूमिका पर उठे सवाल

यह मामला अब “राजनीति बनाम पत्रकारिता” की उस लड़ाई का नया अध्याय बनता दिख रहा है, जिसमें दोनों पक्ष अपनी-अपनी सच्चाई के दावे के साथ आमने-सामने हैं। अब देखना होगा कि अदालत इस प्रकरण पर क्या रुख अपनाती है।

@शब्द दूत ब्यूरो (08 जुलाई 2025)

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है। यह विवाद उस बयान के बाद शुरू हुआ जिसमें अर्णब ने “ऑपरेशन सिंदूर” के संदर्भ में कांग्रेस पर देश के दुश्मनों का साथ देने का आरोप लगाया था। इस बयान को कांग्रेस ने न केवल आपत्तिजनक बल्कि झूठ और दुर्भावना से प्रेरित बताया है।

“ऑपरेशन सिंदूर” भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा किया गया एक हालिया गुप्त अभियान था, जिसमें आतंकवादियों के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई की गई थी। इस संदर्भ में रिपब्लिक टीवी के एक डिबेट शो के दौरान अर्णब गोस्वामी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने इस अभियान को लेकर सवाल उठाए और इसका विरोध कर देशविरोधी ताकतों का समर्थन किया। उन्होंने इसे “कांग्रेस की देशद्रोही मानसिकता” का प्रमाण बताया।

पवन खेड़ा ने दिल्ली पुलिस में दायर की गई अपनी शिकायत में कहा है कि अर्णब गोस्वामी का बयान “पूरी तरह झूठा, भ्रामक और कांग्रेस की छवि को जानबूझकर धूमिल करने वाला है।” उन्होंने कहा कि अर्णब की यह टिप्पणी केवल राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित नहीं, बल्कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अपमानित और उकसाने वाली भी है। खेड़ा ने यह भी कहा कि इस प्रकार की पत्रकारिता न केवल समाज को बांटने का काम करती है, बल्कि सच्चे राष्ट्रवाद का अपमान भी है।

कांग्रेस पार्टी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस टिप्पणी की निंदा की और कहा कि रिपब्लिक टीवी बार-बार झूठ फैलाकर सरकार के एजेंडे को आगे बढ़ा रहा है। पार्टी प्रवक्ता सुरीतेज सिंह ने कहा कि यह मामला “स्वतंत्र मीडिया बनाम ज़िम्मेदार पत्रकारिता” की सीमा को पार कर चुका है।

फिलहाल अर्णब गोस्वामी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन रिपब्लिक टीवी की ओर से अनौपचारिक सूत्रों ने कहा है कि वे “पत्रकारिता के अधिकारों की रक्षा के लिए” पूरी कानूनी तैयारी कर रहे हैं और मानहानि के आरोपों को “राजनीतिक दबाव” की रणनीति बता रहे हैं।

पवन खेड़ा की शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने शुरुआती जांच शुरू कर दी है। यदि आरोपों में दम पाया गया, तो अर्णब गोस्वामी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की कार्यवाही आगे बढ़ सकती है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला न केवल मीडिया की जिम्मेदारी बल्कि राजनीतिक बयानबाजी की सीमाओं को भी परिभाषित करेगा।

 

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