@शब्द दूत ब्यूरो (17 जुलाई 2024)
नयी दिल्ली। दिल्ली के बुराड़ी में निर्मित हो रहे केदारनाथ मंदिर का बीती 10 जुलाई को शिलान्यास होने के बाद उत्तराखंड में बवाल मचा हुआ है। उत्तराखंड स्थित श्री केदारनाथ धाम की तर्ज पर इसे महिमामंडित किये जाने का स्थानीय लोगों में विरोध शुरू हो गया। जिसके बाद ट्रस्ट की ओर से सफाई दी गई है कि वहां धाम नहीं मंदिर बन रहा है।
केदारनाथ धाम ट्रस्ट के अध्यक्ष व संस्थापक सुरेंद्र रौतेला को सामने आकर स्थिति साफ करनी पड़ी। हालांकि जो आमंत्रण पत्र था उसमें केदारनाथ धाम भूमि पूजन समारोह ही बताया गया था। विरोध के कारण धाम की जगह अब मंदिर बताया जा रहा है।
श्री केदारनाथ धाम ट्रस्ट द्वारा इसके ट्रस्टी बनने के लिए जो शर्तें रखी गई हैं वह हैं क्या? आपको सिलसिलेवार बताते हैं। इसका ट्रस्टी किसी भी जाति या धर्म का व्यक्ति बन सकता है। इस मंदिर में क्या रहेगा खास ये भी ट्रस्ट की ओर से जानकारी दी गई है।
इसमें बाबा केदारनाथ का भव्य मन्दिर एवं विशाल सत्संग हॉल का निर्माण किया जाना है। जहाँ प्रत्येक दिन केदारनाथ धाम की महिमा और उनकी उत्पत्ति नाट्य रूपान्तर दिखाई जाएगी।
साधारण ट्रस्टी बनने के लिए आपको 1,01,000 रूपये जबकि पति-पत्नी सहित 1,51,000 में ट्रस्टी बन सकते हैं। और ये ट्रस्टीशिप पीढ़ी-दर-पीढ़ी रहेगी।1100 ट्रस्टी बनने के बाद या 5 लाख की ट्रस्टीशिप राशि होने पर ट्रस्टीशिप स्थांतरित कर सकते है बाकी राशि आपको वापस मिल जायेगी। लेकिन इसके लिए ट्रस्ट की सहमति लेनी होगी।2,01,000 में स्वयं या 3,01,000 में पति-पत्नी दोनों पैट्रन ट्रस्टी बन सकते ट्रस्टी नम्बर पूर्ण राशि जमा करने पर ही प्रदान की जायेगी।
ट्रस्टी बनने के लिए धर्म या जाति का कोई बंधन नहीं है। किसी भी जाति व धर्म के लोग ट्रस्टी बन सकते है। भजन गायक फ्री में रजिस्ट्रेशन करवा सकते है ताकि भविष्य में उनके रूकने की विशेष व्यवस्था रहे।
मंदिर में उत्तराखंड के न्याय के देवता गोलू जी महाराज का मन्दिर स्थापित होगा। अत्याधुनिक हॉल में भजन कीर्तन हेतु 1000 व्यक्तियों के लिए सुविधा (सभी रजिस्टर्ड मण्डलों के लिए फ्री बुकिंग) ।
मंदिर में इसके अलावा ढोल दमऊ एवं नगर निशाण (बाबा केदारनाथ का), भारत की शान राष्ट्रीय तिरंगा झंडा स्थापित, 51 कुण्डीय यज्ञशाला, मन्दिर की परिक्रमा करके मनोकामना पूर्ण करे, गर्भ गुफा में बाबा केदारनाथ को ध्वनि एवं अद्भुत दर्शन की सुविधा होगी।
वहीं साधु-संतों के लिए कुटीर, प्रसाद की दुकान, फूलों की दुकान, बाबा के चरणों का जल मिलेगा, वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सम्मानीय स्थान होगा।
मंदिर में 33 करोड़ देवी-देवताओं की पूजा अर्चना हेतु विशेष स्थान प्रति सोमवार भस्म आरती एवं भक्तजनों के लिए भण्डारा 101 किलो का घन्टा अष्टमातु से निर्मीत गौरी पुत्र गणेश की मन्दिर में विशेष पूजा अर्चना घर, मकान, दुकान एवं व्यवसाय की मन्नत पूरी करने के लिए विशेष कलावा धागा बांधकर मनोकामना पूर्ण कर सकते हैं।
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