@शब्द दूत ब्यूरो(16 जुलाई 2024)
22 जून को खाता खोला गया और 18 दिन में 100 करोड़ का लेन देन हो गया। इस दौरान पौने चार लाख बार लेन देन हुआ। ये अजीबोगरीब मामला उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद के बिलारी थाना क्षेत्र का है।
नये खुले अकाउंट में इस तरह धड़ाधड़ हो रहे लेनदेन बैंक मुख्यालय की नजर में आ गया। फिलहाल खाते को फ्रीज कर दिया गया है और खाताधारक पुलिस की पुलिस पूछताछ से गुजर रहा है।
दरअसल यह खाता बिलारी में जींस की दुकान करने वाले एक युवक ने खुलवाया था। खाता खुलते ही इसमें लेन-देन शुरू हो गया। 90 फीसदी लेन-देन यूपीआई से हुआ है। खाते में बड़ी रकम जमा तो हुई है, लेकिन निकासी एक हजार से पांच हजार रुपये के बीच ही हुई है।
हालांकि अभी तक पुलिस का यही कहना है कि अभी तक फर्जीवाड़े की कोई शिकायत नहीं आई है। खाता खुलने के बाद ज्यादा लेनदेन होने पर यह खाता एसबीआई मुख्यालय और साइबर सेल के रडार पर आ गया। बैंक शाखा प्रबंधक शुभम कश्यप ने बताया कि बैंक मुख्यालय ने खाता संचालन की प्रक्रिया को संदिग्ध माना है और मेल भेजकर खाते की जांच करने के निर्देश दिए थे। तब खाताधारक को बैंक बुलाया गया। उससे पूछताछ में इतनी बड़ी रकम के लेनदेन के बारे में कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। इसके बाद उसे पुलिस को सौंप दिया गया।
पुलिस को पूछताछ में खाताधारक ने बताया कि उसके रिश्तेदार का गुजरात में कपड़े का बड़ा कारोबार है। उसी रिश्तेदार ने उससे यूपीआई आईडी ली थी और उसने ही लेनदेन किया है। लेकिन, पुलिस के यह बात गले नहीं उतर रही कि एक आदमी केवल 18 दिन में ही पौने चार लाख लेन-देन कर सकता है। इसलिए बैंक और पुलिस, दोनों ही जांच में जुटे हैं।
वैसे साइबर अपराधी लोगों के बैंक खातों से उड़ाई रकम को इधर-उधर करने के लिए कमीशन का लालच देकर लोगों के खाते इस्तेमाल करते हैं। खाताधारक खाता खुलवाकर सारी डिटेल अपराधियों को सौंप देते हैं। ट्रांजेक्शन पर उन्हें पांच से दस फीसदी तक कमीशन भी मिलता है।
इस मामले में भी खाताधारक ने स्वीकार किया है कि उसके खाते को रिश्तेदार भी चला रहा है। इससे अब पुलिस साइबर अपराधियों द्वारा इस खाते के इस्तेमाल के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है।
आपको बता दें कि व्यापारिक उद्देश्य से करंट अकाउंट खुलवाया जाता है। इस खाता में अन्य खाते में सेविंग अकाउंट की तुलना में ज्यादा सुविधा मिलती है। चालू खाता में अकाउंट में एक न्यूनतम बैलेंस रखना होता है। व्यवसायिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल होने के कारण इसमें प्रतिदिन कितने भी लेन-देन किए जा सकते हैं।
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