@शब्द दूत ब्यूरो (15 जुलाई 2024)
साइबर अपराधियों ने नैनीताल बैंक की शाखा से 16 करोड़ रुपये उड़ा दिये।
साइबर क्राइम का इतना बड़ा मामला सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। नोएडा के सेक्टर 62 स्थित नैनीताल बैंक लिमिटेड में हैकरों ने बैंक के आरटीजीएस (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) चैनल को हैक करके 16 करोड़ 1 लाख 83 हजार 261 रुपये ट्रांसफर कर लिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, हैकरों ने ये पैसे 89 बैंक खातों में ट्रांसफर किए हैं। इस मामले में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि बैंक के सर्वर को हैक कर पूरी जालसाजी की घटना को अंजाम दिया गया।
इस जालसाजी का पता तब चला जब बैंक में बैलेंस शीट का मिलान किया गया। बैंक के आईटी मैनेजर ने साइबर क्राइम थाने शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस को बताया गया कि बैंक में जून महीने की बैलेंस शीट का मिलान किया जा रहा था। बीते माह 17 जून को आरबीआई सेटलमेंट आरटीजीएस खाते की मैचिंग के दौरान बैलेंस सीट में 3 करोड़ 60 लाख 94 हजार 20 रुपये का अंतर पाया गया। इतनी बड़ी रकम का अंतर आने के बाद आरटीजीएस टीम ने एसएफएमएस सर्वर के साथ सीबीएस (कोर बैंकिंग सिस्टम) में लेनदेन की जांच की। इस दौरान पाया गया कि सीबीएस (कोर बैंकिंग सिस्टम) और एसएफएमएस (स्ट्रक्चर्ड मैसेजिंग सिस्टम) में कुछ खामियां हैं। इतना ही नहीं जांच में यह भी पता चला कि आरटीजीएस संदेश देर से मिल रहा है। आरटीजीएस टीम ने अगले दिन तक इंतजार किया और 18 जून को जांच की गई. इसमें भी बैलेंस शीट मेल नहीं खा रहा था, जबकि एसएफएमएस में निपटान रिपोर्ट भी बैंकों के सीबीएस के साथ मेल खा रही थी। इस दौरान जांच में कुछ संदिग्ध गतिविधियां नजर आयीं।
आरटीजीएस टीम को आंतरिक जांच में लग रहा था कि सिस्टम लाइन में कुछ समस्या है, लेकिन 20 जून को जब आगे की जांच की गई तब पता चला कि जिस बैलेंस शीट में गड़बड़ी मिली है उसमें 85 फीसदी लेनदेन कैश में की गई है। इसके बाद आगे की जांच में पता चला कि कुल 16 करोड़ 1 लाख 83 हजार 261 रुपये अन्य खातों में ट्रांसफर कर लिए गए हैं। यह रकम बैंक से 89 बार में अलग अलग खातों में भेजी गई है।
बहरहाल साइबर क्राइम थाने के अधिकारी मामले की गहनता से जांच में जुट गये हैं।
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