@शब्द दूत ब्यूरो (06 जून 2024)
चंडीगढ़ । एयरपोर्ट पर कंगना रनौत को थप्पड़ जड़ने वाली सीआईएसएफ की महिला जवान कुलविंदर कौर के बारे में अहम जानकारी मिली है। उसका भाई किसान नेता है।
कुलविंदर सीआईएसएफ में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात हैं। उनकी ड्यूटी चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर थी। चेकिंग के दौरान उन्होंने कंगना रनौत को थप्पड़ मारा है। हालांकि इस घटना से पहले तक उनका सर्विस रिकॉर्ड अच्छा रहा है। उनकी 15 साल की नौकरी में कोई ऐसा मामला नहीं आया है। यही नहीं कुलविंदर कौर की गिनती अच्छी महिला जवानों में की जाती रही है।
दो साल से वह चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर ही तैनात थीं। 35 साल की कुलविंदर पंजाब के कपूरथला जिले के सुल्तानपुर लोधी की रहने वाली हैं। कुलविंदर कौर के पति भी सीआईएसएफ में हैं। उनके दो बच्चे भी हैं।
एक और अहम जानकारी सामने आई है। कुलविंदर के भाई किसान नेता हैं. वो किसान मजदूर संघर्ष कमेटी में संगठन सेक्रेटरी हैं। सीआईएसएफ की महिला जवान ने कंगना को थप्पड़ मारने के बाद कहा कि इसने (कंगना रनौत) बयान दिया था कि 100-100 रुपये में लोग किसान आंदोलन में बैठे हैं। मेरी मां किसान आंदोलन में बैठी थी। ये क्या वहां बैठेगी? बता दें कि यह पूरी घटना गुरुवार दोपहर 3.30 बजे की है, जब कंगना रनौत चंडीगढ़ एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुई थीं। इसी दौरान उनके साथ यह घटना घटी। इसके बाद कंगना रनौत ने इस मामले की शिकायत पुलिस में जिसके बाद अब एक्शन लेते हुए महिला जवान कुलविंदर कौर को सस्पेंड कर दिया गया है।
आज बालीवुड अभिनेत्री और मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत को चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ की महिला जवान ने थप्पड़ मारा है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कंगना रनौत को थप्पड़ मारने के बाद महिला जवान वहां से निकल जाती है। हालांकि इस दौरान एयरपोर्ट पर अफरा-तफरा मच गई। इस बीच अब एक्शन लेते हुए सीआईएसएफ की महिला जवान को सस्पेंड कर दिया गया है। सीआईएसएफ जवान कुलविंदर कौर ने स्वीकार किया कि उन्होंने कंगना रनौत को थप्पड़ मारा है क्योंकि कंगना ने किसान आंदोलन को लेकर बयानबाजी की थी, जिसमें उनकी मां भी बैठी हुई थीं।
उधर कंगना रनौत ने इस बाबत एक बयान भी अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर बयान साझा करते हुए कहा, मुझे बहुत सारे फोन कॉल्स आ रहे हैं। मेरे शुभ चिंतकों और मीडिया के। मैं सुरक्षित हूं। चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर आज जो हादसा हुआ वह सिक्योरिटी चेक के साथ हुआ। वहां सिक्योरिटी चेक कर जब मैं निकली तो दूसरे कमरे में सीआईएसएफ की जो सुरक्षाकर्मी थीं।” उन्हें पास करने का प्रयास किया तो उन्होंने सामने से आकर मेरे चेहरे पर मारा। इसके बाद वो गालियां देने लगीं। जब उनसे पूछा कि उन्होंने ऐसा क्यों किया तो उन्होंने कहा कि वो किसान आंदोलन को सपोर्ट करती हैं। मैं सुरक्षित हूं, लेकिन मेरी चिंता ये है कि जो आतंकवाद और उग्रवाद पंजाब में बढ़ रहा है, उसे हम कैसे हैंडल करेंगे।”
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