@शब्द दूत ब्यूरो (05 मार्च, 2024)
इस बार महाशिवरात्रि पर 72 साल बाद तीन योगों का संयोग बन रहा है। महाशिवरात्रि के दिन ही प्रदोष व्रत भी है। पंडितों के अनुसार महाशिवरात्रि के व्रतियों पर शिव कृपा बरसेगी। फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी महाशिवरात्रि इस बार 8 मार्च को है।
महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग, चतुर्ग्रही योग और शिव योग बन रहा है। इस वर्ष महाशिवरात्रि पर इन तीन योगों का एक ही दिन पर बनना अद्भुत संयोग है। इस साल महाशिवरात्रि काफी शुभ फल देने वाली मानी जा रही है।
इसके साथ ही महाशिवरात्रि के दिन शुक्र प्रदोष व्रत भी है। इस दिन व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा करने से सभी सुख की प्राप्ति होगी। सर्वार्थ सिद्धि योग में भगवान शिव का व्रत करने और पूजा करने से हर कार्य में सफलता मिलती है। यह योग शुक्रवार को पड़ने से और फलदायी होगा। इसके अलावा इस दिन शिव योग का संयोग बन रहा है। शिव योग में साधना, मंत्र, जप शुभ फलदायी होते हैं।
पंडितों के अनुसार मेष राशि के जातक सोमनाथ पंचामृत से अभिषेक कर ज्योतिर्लिंग की पूजा करें। वृषभ राशि वालों को मल्लिकार्जुन दूध से अभिषेक कर ज्योतिर्लिंग की पूजा करनी चाहिए। इसी प्रकार मिथुन राशि के जातकों को महाकालेश्वर पंचाक्षरी मंत्र का जाप कर ज्योतिर्लिंग की पूजा करनी चाहिए।
कर्क राशि वालों को ओंकारेश्वर दही-शक्कर से अभिषेक कर पूजा करनी चाहिए। जबकि सिंह राशि के जातकों को बैजनाथ गुड़ के शर्बत से अभिषेक करना चाहिए। कन्या राशि वालों को भीमाशंकर दूध से अभिषेक कर ज्योतिर्लिंग की पूजा करनी चाहिए।
इसी प्रकार तुला राशि वालों को रामेश्वरम गन्ने के रस से अभिषेक कर ज्योतिर्लिंग की पूजा करनी चाहिए। वृश्चिक राशि वाले नागेश्वर शमी और बेलपत्र अर्पित करें। जबकि धनु राशि वाले विश्वनाथ दूध से अभिषेक करें। मकर राशि वालों को त्रयंबकेश्वर गंगाजल में गुड़ मिलाकर अभिषेक करना चाहिए। जबकि कुंभ राशि के जातकों को केदारनाथ पंचामृत से अभिषेक करना चाहिए। मीन राशि वालों को घृष्णेश्वर केसरयुक्त दूध से अभिषेक कर ज्योतिर्लिंग की पूजा करनी चाहिए।
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