@शब्द दूत ब्यूरो (02 मार्च, 2024)
हिंदू कार्यकर्ता रुद्रेश की हत्या के मुख्य आरोपी मोहम्मद गौस नियाजी को पकड़ने में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को बड़ी सफलता हाथ लगी है. उसने साउथ अफ्रीका से नियाजी को गिरफ्तार कर लिया है. केंद्रीय एजेंसी लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी. उसने आरोपी की जानकारी देने वाले को पांच लाख रुपए का इनाम भी देने की घोषणा की थी और वह PFI का बड़ा चेहरा था. दरअसल, बेंगलुरु में साल 2106 में RSS स्वयंसेवक रुद्रेश की हत्या कर दी गई थी. हत्या के बाद आरोपी फरार हो गया था और अलग अलग देशों में ठिकाना बनाया हुआ था.
इस मोस्ट वांटेड नियाजी को साउथ अफ्रीका में सबसे पहले गुजरात ATS ने ट्रैक किया. इसके बाद केंद्रीय एजेंसी को जानकारी दी. जानकारी मिलने के बाद एनआईए ने उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया, जिसमें वह फंस गया. उसे साउथ अफ्रीका में पकड़ा गया और हिंदुस्तान डिपोट किया गया है. बताया गया है कि एनआईए की टीम फिलहाल उसे मुंबई लेकर गई है, जहां उससे पूछताछ की जाएगी.
एनआईए ने रुद्रेश के हत्यारे मोहम्मद गौस नियाजी पर पिछले साल 5 लाख रुपए के इनाम की घोषणा की थी. उसने 16 अक्टूबर 2016 को बेंगलुरु के शिवाजी नगर इलाके में श्रीनिवास मेडिकल स्टोर के सामने अपने दोस्तों के साथ खड़े रुद्रेश की हत्या कर दी थी. नियाजी अपने साथ तीन और बदमाशों को लेकर आया था. ये सभी दो बाइक पर सवार होकर आए थे और रुद्रेश पर धारदार हथियार से हमला किया था. हमले के बाद फरार हो गए थे.
बेंगलुरु के आरटी नगर का रहने वाला है नियाजी
इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी नियाजी ही है. उसे मोहम्मद गौस नियाजी उर्फ गौस भाई भी बुलाया जाता है. वह बेंगलुरु के आरटी नगर सेकेंड ब्लॉक का रहने वाला है. हत्याकांड के बाद से फरार चल रहा था. एनआईए के अधिकारी उसकी लोकेशन का पता नहीं लगा पा रहे थे. आखिरकार वह हत्थे चढ़ गया. नियाजी के अन्य साथी जेल में हैं. वह जमानत के लिए कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा चुके हैं, लेकिन कोई राहत नहीं मिली है. नियाजी के पकड़े जाने के बाद कई बड़े खुलासे हो सकते हैं.
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