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इस गांव में मनाते हैं अनोखी होली, नए दामाद को कराई जाती है गधे की सवारी!

@शब्द दूत ब्यूरो (01 मार्च 2024)

भारत में अगल-अलग परंपराओं के साथ होली मनाई जाती है. वैसे तो पूरे देश में होली मनाई जाती है, लेकिन होली मनाने की परंपराएं बहुत अलग-अलग होती हैं. आज हम आपको ऐसी ही एक बड़ी ही अजीब प्रथा के बारे में बताने जा रहे हैं. भारत के राज्य महाराष्ट्र के बीड जिले में होली की ये परंपरा करीब 86 सालों से चल रही है. यह प्रथा बीड जिले के केज तहसील के विदा गांव में निभाई जाती है.

दामाद को गधे पर बैठाकर घुमाया जाता है पूरा गांव

महाराष्ट्र के बीड जिले में होली खेलना का ये अजीब तरीका पिछले 86 साल से चला आ रहा है. यहां पर होली के दिन घर के नए नवेले दामाद को गधे पर बैठाकर पहले तो पूरे गांव घुमाया जाता है और होली भी खेली जाती है. इस परंपरा को यहां के लोग बड़े ही उल्लास से मनाते चले आ रहे हैं . इस दिन इस गांव के नए दामाद को गांव आकर होली मनाने के लिए खास निमंत्रण दिया जाता है.

क्यों मनाई जाती है यह परंपरा?

स्थानीय लोगों की मुताबिक लगभग 86 साल पहले महाराष्ट्र के बीड जिले में विडा येवता गांव में एक देशमुख परिवार रहता था. देशमुख परिवार में एक बेटी थी उसकी शादी के बाद पहली होली पर जब बेटी और दामाद घर आए तो दामाद ने रंग लगवाने और होली खेलने से मना कर दिया. इसके बाद ससुर ने दामाद को रंग लगाने के लिए खूब मनाया. काफी मशक्कत के बाद दामाद राजी हुआ तो उसके ससुर ने फूलों से सजा एक गधा मंगवाया और उसपर अपने दामाद को बैठाकर पूरे गांव में घुमाया और साथ ही खूब होली खेली.

कहां से शुरू हुई ये प्रथा?

स्थानीय लोगों के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि इस परंपरा की शुरुआत आनंदराव देशमुख नाम के एक निवासी ने की थी. उन्हें गांव के लोगों द्वारा बहुत सम्मान दिया जाता था. नए दूल्हे को गधे की सवारी देने की परंपरा आनंदराव के दामाद से शुरू हुई थी और तब से अभी तक जारी है. इसमें सवारी गांव के बीच से शुरू होती है और 11 बजे हनुमान मंदिर पर जाकर पूरी होती है. इस प्रथा में दामाद को उनकी पसंद के कपड़े भी दिए जाते हैं.

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