@शब्द दूत ब्यूरो (27 जनवरी 2024)
काशीपुर। शातिर साइबर ठगों ने पाकिस्तानी नंबर से व्हाट्स एप काल कर एक वृद्धा को उसके बेटों के पुलिस में पकड़े जाने का खौफ दिखाकर दो लाख रुपए की मांग की। हालांकि घर में इतनी रकम न होने की वजह से वृद्धा ने साइबर कैफे के माध्यम से 65 हजार रुपए ठगों के बताये नंबर पर ट्रांसफर कर दिये। ठगी की इस वारदात की सूचना पुलिस को दे दी गई है। पुलिस ने मामला साइबर सेल के सुपुर्द कर दिया है।
मौ कटोराताल निवासी श्रीमती निशा अरोरा पत्नी स्व अनिल सपरा के पास आज सुबह दस बजे पाकिस्तानी नंबर+923036997582 से एक व्हाट्स काल आई। जिसकी डीपी पर एक पुलिस इंस्पेक्टर का फोटो था। फोन करने वाले ने कहा कि तुम्हारे दोनों बेटे पुलिस के पास हैं और हम दोनों को किसी मामले में फंसा देंगे। यह सुनते ही श्रीमती निशा के होश उड़ गए। उस समय वह घर पर अकेली थी। जिन बेटों को फंसाने की बात कही गई थी वह रामनगर गये हुए थे। फोन करने वाले ने दोनों बेटों को छुड़ाने की एवज मे दो लाख रुपए गूगल पे से ट्रांसफर करने को कहा। इस बीच खास बात यह रही कि फोन करने वाले ने फोन न काटने की ताकीद की। जिस पर घबराई वृद्धा ने घर में रखे कैश 65 हजार रुपए निकाले और फोनकर्ता के कहे अनुसार साइबर कैफे की ओर चली। फोन लगातार चालू था। फोनकर्ता लगातार इस बात का निर्देश दे रहा था कि सीधे चलते रहो पीछे मुड़कर मत देखना। फोनकर्ता की इस ताकीद से वृद्धा को इस बात का डर था कि कोई उनके पीछे पीछे चल रहा है।
वृद्धा कैश लेकर चीमा चौराहे पर स्थित एक कैफे पर पहुंचीं और वहां से दो बार में चालीस और पच्चीस हजार रुपए फोनकर्ता द्वारा बताए गये नंबर पर ट्रांसफर कर दिये। बाद में उन्होंने इस पूरी घटना के बारे में अपने परिजनों को बताया। वहीं रामनगर गये उनके पुत्रों के पास जब इस घटना के बारे में फोन से बताया गया तो वह भी घर लौट आये।
घटना को लेकर वृद्धा अपने परिजनों व परिचितों के साथ पुलिस के पास गयी तथा जानकारी दी। पुलिस ने मामले को साइबर सेल के सुपुर्द कर दिया है।
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