@शब्द दूत ब्यूरो (20 दिसंबर, 2023)
उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में 41 मजूदरों के फंसने के 38 दिन बाद का निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो गया है। कंपनी पहले बड़कोट सिरे से काम कर रही है। जांच होने के बाद सिलक्यारा सिरे से भी सुरंग निर्माण शुरू किया जाएगा क्योंकि अब केवल 480 मीटर सुरंग बची हुई है।
17 दिन लंबे बचाव अभियान के बाद से ही सुरंग के निर्माण का काम बंद पड़ा है। मंत्रालय की ओर से गठित विशेषज्ञ जांच समिति ने सिलक्यारा हादसे की जांच शुरू कर दी है। 4.531 किमी लंबी सिलक्यारा-बड़कोट सुरंग का अब केवल 480 मीटर हिस्सा बचा हुआ है।
इस हिस्से के निर्माण के लिए नवयुगा कंपनी ने बड़कोट सिरे से काम शुरू कर दिया है। जांच पूरी होने के बाद सिलक्यारा की ओर वाले सिरे से भी काम शुरू किया जाएगा। बताया जा रहा कि सुरंग का निर्माण नए साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सिलक्यारा सुरंग हादसे की जांच करने के बाद टीम दिल्ली लौट गई है। टीम ने यहां करीब चार दिन तक जांच पड़ताल की है। अब यह टीम मंत्रालय को अपनी प्राथमिक जांच रिपोर्ट देगी। इसके आधार पर ही सुरंग के सिलक्यारा हिस्से का काम शुरू किया जाएगा। फिर टीम को एक माह में विस्तृत रिपोर्ट देनी है।
एनएचआईडीसीएल को सिकल्यारा रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी कंपनियों के बिल का इंतजार है। तमाम कंपनियों ने अपनी मशीनरी को यहां मंगाकर बचाव अभियान में हिस्सा लिया था। उनके बिल आने के बाद एनएचआईडीसीएल इसका पूरा खर्च नवयुगा कंपनी से वसूल करेगा।
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