@शब्द दूत ब्यूरो (31 अक्टूबर 2023)
काशीपुर। लंबे समय से विवादों में घिरी देवभूमि पर्वतीय महासभा इन दिनों बगैर वैध कार्यकारिणी के चल रही है। हालांकि महासभा के तत्वावधान में श्री रामलीला मंचन का आयोजन किया गया। श्री राम की लीला को लेकर विरोध का प्रश्न ही नहीं उठता था इसलिए निर्विवाद रूप से सभी ने इस कार्य में भरपूर सहयोग दिया। लेकिन अब पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह जीना ने देवभूमि पर्वतीय महासभा के विधिवत चुनाव कराये जाने का मुद्दा छेड़ दिया है।
यहां एक सोशल मीडिया पोस्ट पर पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह जीना ने कहा कि वर्तमान में देवभूमि पर्वतीय महासभा की 2021-2023 तक की जिस कार्यकारिणी का सदन में देवभूमि पर्वतीय महासभा के सदस्यों द्वारा कोरोना के समय में कार्यकाल बढ़ाया गया था। उस कार्यकाल पूर्व उपाध्यक्ष प्रदीप जोशी ने देवभूमि पर्वतीय महासभा के संविधान के अनुसार चुनाव नहीं होने के कारण विरोध किया गया था। और बंद कमरे में चुनाव कराकर अवैध ढंग से कार्यकारिणी गठित करने का आरोप लगाते हुए वाद दायर किया था। जिसे देखते हुए एस डी एम द्वारा कार्यकारिणी को अपास्त घोषित कर दिया गया था । श्री जीना ने कहा कि रामलीला का मंचन श्री राम जी के नाम भगवान का कार्य था जिसमें किसी भी व्यक्ति का विरोध नहीं था इसलिए बहुत अच्छे तरह से किया गया।
पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह जीना ने कहा कि अब देवभूमि पर्वतीय महासभा के किसी भी कार्य करने से पहले महासभा के कार्यकारिणी का गठन होना ज़रूरी है । उसके लिए सबसे पहले चुनाव करवाना अनिवार्य है। उनका कहना है कि देवभूमि पर्वतीय महासभा की वैध कार्यकारिणी बनाये बिना महासभा के बैनर तले कोई सार्वजनिक कार्यक्रम करने का अधिकार किसी भी व्यक्ति को नहीं हैं । जिससे किसी भी तरह की कल को अवरोध उत्पन्न हो ।
उन्होंने कहा कि शहर के तमाम पर्वतीय समाज को अब महासभा के चुनाव कराने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व कार्यकारिणी को अवैध घोषित करने के पीछे बंद कमरे में कार्यकारिणी गठित करने का आरोप लगाया गया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भी कथित कार्यकारिणी उस लिहाज से स्वत: ही अवैध मानी जानी चाहिए। इसलिए महासभा का वैधानिक तरीके से चुनाव होना आवश्यक है।
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