@शब्द दूत डेस्क (27 अक्तूबर, 2023)
केंद्र सरकार की देशभर में सरकारी अधिकारियों की मदद से ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ निकालने की योजना कुछ राज्यों में खटाई में पड़ गई है। दरअसल जिन पांच राज्यों में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां यात्रा निकालने पर रोक लगा दी है। बता दें कि इस यात्रा के तहत सरकारी अधिकारियों को हर जिले में रथ प्रभारी बनाया गया है, जिसे लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है और केंद्र सरकार पर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का आरोप लगा रहा है।
बीते हफ्ते सरकार ने सभी केंद्रीय मंत्रियों को शीर्ष अधिकारियों के नाम देने को कहा था, जिन्हें आगामी विकसित भारत संकल्प यात्रा में अलग-अलग जिलों में रथ प्रभारी बनाया जाएगा। हालांकि सरकार के इस आदेश पर कई अधिकारियों ने नाराजगी जाहिर की है। पूर्व नौकरशाहों ने तो इस आदेश के खिलाफ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को चिट्ठी भी लिखी है।
चुनाव आयोग ने कैबिनेट सचिव को कहा है कि चुनाव के चलते आयोग ने बताई गई गतिविधियों को उन राज्यों में नहीं लागू करने को कहा है, जहां पांच दिसंबर 2023 तक चुनाव आचार संहिता लागू है। चुनाव आयोग का यह निर्देश ऐसे वक्त आया है, जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सरकारी अधिकारियों को रथ प्रभारी बनाने पर कड़ी आपत्ति जताई है।
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