@शब्द दूत ब्यूरो (19 अप्रैल 2023)
हरिद्वार। सनातन धर्म को बचाने के लिए हरिद्वार में हुये संत सम्मेलन में संतों ने कम से कम छह बच्चे पैदा करने की सलाह दी है।
संत सम्मेलन में देश के हिंदुओं से अपील की गई है कि सनातन संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए अब हम दो हमारे दो के सिद्धांत को छोड़कर ज्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए। इस संत सम्मेलन में योग गुरु बाबा रामदेव और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष समेत देश के तमाम दिग्गज संतों ने भी भागीदारी की।
संत सम्मेलन में महामंडलेश्व स्वामी रुपेंद्र प्रकाश ने कहा कि ” एक बेटा राष्ट्र, एक गृहस्थ और एक माता-पिता की सेवा के लिए समर्पित हो। नहीं तो संत कोई नहीं बन पाएगा।दो या तीन बेटा जिनके हो उन्हें एक बेटे को संन्यासी बनाना चाहिए”।
वहीं आचार्य महामंडलेश्वर निरंजनी अखाड़ा स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि ”चार बच्चे जरुर होने चाहिए। कम से कम एक बच्चा देश की रक्षा और संत बनने के लिए होना चाहिए।’
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविन्द्र पुरी ने कहा ”हम दो हमारे दो से अब हिंदू समाज एक बच्चे में आ गया है, जबकि मुस्लिम समाज हम चार हमारे 40 की ओर बढ़ रहे हैं, इससे जनसंख्या अनुपात गड़बड़ हो रहा है। दो तीन बच्चे होंगे तो एक सेना में जाए, एक घर परिवार चलाएगा. ऐसी सनातन परंपरा है। कोई यदि संत नहीं बनेगा तो परंपरा कैसे जीवित रहेगी।
”आचार्य महामंडलेश्वर निरंजनी अखाड़ा स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि ”चार बच्चे जरुर होने चाहिए। कम से कम एक बच्चा देश की रक्षा और संत बनने के लिए होना चाहिए।” एक तरफ देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून की बात की जा रही है। ऐसे में संतों की इस अपील को लेकर समाज में भ्रम पैदा हो रहा है।
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