@शब्द दूत ब्यूरो (12 फरवरी 2823)
काशीपुर। होली गायकी की उत्तराखंड में एक खास परंपरा और खास शैली है। काशीपुर में इन दिनों अनेक जगहों पर कुमाऊनी होली बैठकों का दौर चल रहा है।इसी क्रम में बीते शाम मोहित उपाध्याय के निवास पर पर्वतीय शैली में होली गायकों ने रागों के साथ होली की बैठक की।
बैठकी होली के कार्यक्रम में पूरे कुमाऊँ भर से तमाम होली गायकों ने शिरकत की। इस दौरान बैठकी होली के प्रसिद्ध व रसिक होल्यारोंके बीच मनोहारी संगीत व रागों के माहौल ने वहां समां बांध दिया।
आयो रे फागुनवा बिरज के आँगनवा आयो रे फागुनवा बिरज के आँगनवा
सखियाँ खेले फ़ाग़ री सखियाँ खेले फ़ाग़ री
होली आयी रे आयी रे होली आयी रे आयी रे
होली आयी रे आयी रे होली आयी रे
पूरा कार्यक्रम सुव्यवस्थित व मनोरम था। जिस शिद्दत से कार्यक्रम का संचालन हुआ उससे मोहित उपाध्याय का इस संस्कृति से जुड़ाव व इसको जीवंत रखने की उनकी उत्कंठ निष्ठा पूर्ण इच्छा को सहज ही समझा जा सकता था। पर्वतीय शैली की इस होली बैठक का वहां मौजूद सभी लोगों ने भरपूर आनंद लेते हुए सुर और स्वरों के साथ आनंद लिया।
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