@शब्द दूत ब्यूरो (30 जनवरी 2023)
काशीपुर । शहर की प्रतिष्ठित शिक्षा संस्था गोविन्द बल्लभ पन्त इण्टर मीडियेट कालेज से एक प्रवक्ता की आलमारी से जरुरी दस्तावेज व फाइलें गुम हुये आठ माह बीत चुके हैं लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी के आदेशों के बावजूद आज तक उनका कोई पता नहीं चल पाया है। इस मामले में कालेज के प्रधानाचार्य की भूमिका संदेह के घेरे में होने का आशंका कालेज के एक प्रवक्ता ने जताई है। उधर गोविन्द बल्लभ पन्त शिक्षा समिति के अध्यक्ष एस के शर्मा ने काशीपुर कोतवाली में दस्तावेज गुम होने को लेकर एक तहरीर दी है।
मामला इस प्रकार है कि जून 2022 के ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान गृह परीक्षा से सम्बन्धित अलमारी को कक्ष में चल रहे मरम्मत कार्य के कारण एक कक्ष से दूसरे कक्ष में अलमारी को स्थानान्तरित करने के दौरान अलमारी में रखे रजिस्टर एवं अन्य गोपनीय दस्तावेज कहीं गुम हो गये। रजिस्टर के सम्बन्ध में विद्यालय के सभी कर्मचारियों से पूछताछ कर ली है परन्तु किसी को भी उक्त रजिस्टर के सम्बन्ध में कोई भी जानकारी नहीं है ।
इस सनसनीखेज़ मामले में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा खण्ड शिक्षा अधिकारी, काशीपुर तथा प्रधानाचार्य पं०गो०ब०पन्त इण्टर कालेज को गुम हुये कागजात तथा अन्य दस्तावेज खोजने एवं नहीं मिलने की स्थिति में तत्काल नियमानुसार प्राथमीकि दर्ज कराने हेतु निर्देश दिए गए थे। जिस पर शिक्षा समिति के अध्यक्ष की ओर से कोतवाली में तहरीर दे दी गई है।
कालेज के हिंदी प्रवक्ता प्रमोद कुमार के मुताबिक कि जो दस्तावेज गुम हुये हैं उनमें सत्र 2021-22 की गृहपरीक्षा से सम्बन्धित उपस्थिति का विवरण दर्ज है। खास बात यह है कि इन्हीं दस्तावेजों में प्रधानाचार्य अजय शंकर कौशिक के पुत्र जो कि कक्षा XIB में अध्ययनरत् हैं, से भी सम्बन्धित है, इसलिये लिये उनकी संलिप्तता से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। इतना ही नहीं प्रधानाचार्य के पास रखे हुये प्रबन्ध समिति, पं०गोविन्द बल्लभ पन्त शिक्षा समिति, काशीपुर के अन्य गोपनीय दस्तावेज एवं रजिस्टर भी गुम हो गये है। ऐसे में कालेज के प्रधानाचार्य की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। आशंका जताई जा रही है कि गुम हुये दस्तावेजों का दुरूपयोग हो सकता है।
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