Breaking News

देवों की दीपावली है कार्तिक पूर्णिमा,दीप दान से प्रसन्न होते हैं देव, जानें शुभ मुहूर्त एवं महत्व

आचार्य धीरज याज्ञिक
पुराणों के अनुसार देवता अपनी दीपावली कार्तिक पूर्णिमा की रात्रि को ही मनाते हैं।आचार्य धीरज द्विवेदी “याज्ञिक” ने बताया कि यह सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक है कार्तिक पूर्णिमा।इस दिन काशी में भव्य उत्सव रहता है बाबा विश्वनाथ जी एवं माँ गंगा दीपों से सजी रहती हैं।कार्तिक पूर्णिमा में स्नान और दान का अधिक महत्व है।इस दिन किसी भी पवित्र नदी में स्नान करने से मनुष्य के समस्त पाप,ताप,संताप नष्ट हो जाते हैं।कार्तिक पूर्णिमा पर दीप दान का भी विशेष महत्व है।
शास्त्रानुसार इस दिन दीप दान करने से समस्त देवी-देवताओं का आशीर्वाद मिलता है एवं पितरों को प्रसन्नता प्राप्त होती है। इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा दो दिन की पड़ रही है।
देव दीपावली की पूर्णिमा
पूर्णिमा तिथि 07 नवंबर सोमवार को दिन – 03:58 मि. से प्रारंभ होकर 08 नवंबर 2022 मंगलवार को दिन – 03:53 मि. तक है।
इस पूर्णिमा की मान्यता उदया तिथि के अनुसार मानी गई है तथा उदया तिथि वाली पूर्णिमा ही ग्रहण की जाती है अतः इस वर्ष यह कार्तिक पूर्णिमा 08 नवंबर मंगलवार को सायं 06:20 मि. के बाद अर्थात् ग्रहण समाप्ति के बाद मनाई जाएगी।
जबकि कार्तिक पूर्णिमा का व्रत 07 नवंबर सोमवार को ही मान्य होगा।
कार्तिक पूर्णिमा का महत्व
पुराणों के अनुसार भगवान शिव जी ने कार्तिक पूर्णिमा को ही त्रिपुरारी का अवतार लिया था और इसी दिन त्रिपुरासुर के नाम से विख्यात तीनों असुर भाइयों की एक तिकड़ी को मार दिया था यही कारण है कि इस पूर्णिमा का एक नाम त्रिपुरी पूर्णिमा भी है।
असुरों का संहार कर अत्याचार को समाप्त कर भगवान शिव जी ने त्रैलोक्य में सुख शांति स्थापित किया इसलिए देवताओं ने राक्षसों पर भगवान शिव जी की विजय के लिए अपनी श्रद्धा भाव अर्पित करने के लिए इस दिन दीपावली मनाई थी कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान शिव जी की विजय के उपलक्ष्य में काशी (वाराणसी) के पवित्र नगरी एवं अन्य ज्योतिर्लिंगों के धामों,मठ,मंदिरों,गंगा के घाटों तथा अन्य तीर्थों,घरों में भक्ति जन दीपक जलाकर दीप मालिकाओं से सजाकर देव दीपावली मनाते हैं।
इसी दिन भगवान श्री विष्णु जी ने मत्स्यावतार धारण किया था।
इस दिन ही रास यात्रा,त्रिपुरोत्सव,पुष्कर में उत्सव एवं दीपदान,कार्तिकेय जी का दर्शन तथा गुरुनानक जयंती, जैनियों का महावीर रथोत्सव भी मनाया जाता है।
इस दिन भी मां लक्ष्मीनारायण,गणेश,कुबेर तथा भगवान शिव जी का पूजन अपने सामर्थ्य अनुसार करना चाहिए।
आचार्य धीरज द्विवेदी “याज्ञिक”
(ज्योतिष वास्तु धर्मशास्त्र एवं वैदिक अनुष्ठानों के विशेषज्ञ)
प्रयागराज।
संपर्क सूत्र – 09956629515
08318757871
Website Design By Mytesta +91 8809666000

Check Also

जनगणना 2027: आम जनता से पूछे जाएंगे 33 सवाल, भारत सरकार ने जारी की विस्तृत सूची, तैयार हो जाईये यहाँ देखिए क्या क्या पूछा जायेगा आपसे?

🔊 Listen to this @शब्द दूत ब्यूरो (23 जनवरी 2026) नई दिल्ली। भारत सरकार ने …

googlesyndication.com/ I).push({ google_ad_client: "pub-