@शब्द दूत ब्यूरो (24 जुलाई 2022)
समान नागरिक संहिता को लेकर पूरे देश में इन दिनों चर्चा छिड़ी हुई है। उत्तराखंड सरकार ने तो इस पर कवायद शुरू करने की बात भी विधानसभा चुनाव से पहले कही थी। लेकिन हकीकत कुछ और ही है। केन्द्र ने फिलहाल इस मसले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने ससंद में कह दिया कि केंद्र सरकार की ओर से ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है।
पिछले दिनों कानून मंत्री किरण रिजिजू ने ससंद में एक सवाल के जबाव में साफ कर दिया कि केंद्र सरकार देश में समान नागरिक संहिता लागू करने पर कोई विचार नहीं कर रही है। अलबत्ता उन्होंने यह जरूर कहा कि राज्य सरकारें इसे अपने यहाँ लागू करने के लिए स्वतंत्र हैं। केंद्र इसलिए इसे लागू नहीं कर सकता क्योंकि इस से संबंधित कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं।
बता दें कि विधि आयोग ने फैमिली लॉ में सुधार को लेकर अपनी वेबसाइट पर लोगों से उनकी राय मांगी है। इस कानून में यूनिफॉर्म सिविल कोड से जुड़े ज्यादातर मुद्दे शामिल हैं। केंद्र सरकार का यह बयान ऐसे समय में आया है, जबकि उत्तराखंड सरकार राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू करने पर तेजी से काम कर रही है। बीते 14 जुलाई को ही उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने के लिए गठित विशेषज्ञ समिति की दूसरी बैठक नई दिल्ली में संपन्न हुई।
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