@आचार्य धीरज याज्ञिक
श्रावण का महीना भगवान शिव जी की कृपा पाने के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण माना गया है जो इस त्रिग्रही योग में प्रारंभ हो रहा है। जिसमें एक ही राशि मिथुन में तीन ग्रह सूर्य,बुध और शुक्र एक साथ विचरण कर रहे हैं।
इस वर्ष श्रावण मास 14 जुलाई 2022 दिन गुरुवार से प्रारंभ हो कर 12 अगस्त 2022 दिन शुक्रवार तक है। इस वर्ष कुल 04 सोमवार पड़ रहा है। जिसका पहला सोमवार 18 जुलाई को पड़ेगा।अंतिम सोमवार 08 अगस्त को पड़ेगा और श्रावण का समापन 12 अगस्त को होगा।
इस वर्ष के श्रावण सोमवार एवं महत्वपूर्ण तिथियां –
14 जुलाई गुरुवार श्रावण मास का प्रारंभ।
18 जुलाई सोमवार श्रावण का
पहला सोमवार व्रत।
25 जुलाई सोमवार सावन का दूसरा सोमवार व्रत।
25 जुलाई सोमवार को ही प्रदोष व्रत भी है।
26 जुलाई मंगलवार को श्रावणमासीय महाशिवरात्रि पर्व एवं व्रत।
28 जुलाई गुरुवार को अमावस्या,पिठोरा व्रत एवं हरियाली अमावस्या।
01 अगस्त सोमवार श्रावण का
तीसरा सोमवार व्रत एवं।
02 अगस्त मंगलवार को नाग पंचमी।
08 अगस्त सोमवार श्रावण का चौथा सोमवार व्रत।
09 अगस्त मंगलवार को प्रदोष व्रत।
11 अगस्त गुरुवार को व्रत की पूर्णिमा।
12 अगस्त शुक्रवार को स्नान दान आदि की पूर्णिमा।
पूरे श्रावण मास एवं बताए गए विशेष तिथियों में भगवान देवाधिदेव महादेव का पूजन एवं अभिषेक बहुत ही लाभदायक होता है। यदि किसी की कुंडली में कोई भी दोष जैसे कालसर्प,आंशिक कालसर्प,मांगलिक दोष,पितर दोष,राहु,केतु की महादशा आदि हो तो स्वयं अथवा किसी योग्य विद्वान ब्राह्मण देवता से सवा लाख महामृत्युंजय मंत्र का अनुष्ठान करने करवाने से समस्त दोषों का समन हो कर भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।पूरे श्रावण में एवं श्रावण के किसी भी सोमवार को वैदिक ब्राह्मणों द्वारा रुद्राभिषेक अवश्य करना करवाना चाहिए इससे विशेष लाभ मिलता है तथा सपरिवार भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
-आचार्य धीरज द्विवेदी “याज्ञिक”
(ज्योतिष वास्तु धर्मशास्त्र एवं वैदिक अनुष्ठानों के विशेषज्ञ)
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