@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (05 जून, 2022)
देश के दूसरे हिस्सों की तरह कोरोना महामारी के दो साल बाद दिल्ली में जनजीवन तेजी से सामान्य हो रहा है और रोजमर्रा की गतिविधियों में तेजी के साथ सड़क हादसे भी बढ़ रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने ऐसा ही एक डेटा जारी कर बताया है कि राजधानी में साल 2022 के पहले पांच महीनों में सड़क दुर्घटनाओं में भारी इजाफा हुआ है और पांच सौ से ज्यादा लोगों ने जान गंवाई है।
पहले पांच महीनों में 2300 रोड एक्सीडेंट हुए हैं। जबकि 505 लोगों की मौत इन दुर्घटनाओं में हुई है और 2152 से ज्यादा घायल हुए हैं। दिल्ली पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इन 2300 सड़क दुर्घटनाओं में 1762 सामान्य हादसे थे, जबकि 495 गंभीर घटनाएं थीं। इसमें जिलावार भी दुर्घटनाओं का आंकड़ा दिया गया है।
आंकड़ों के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा 56 लोगों की मौत बाहरी उत्तरी जिले में हुई है। जबकि उत्तरपश्चिम जिले में 50 लोगों की मौत हुई है. दक्षिणपश्चिम जिले में 46, औऱ पश्चिम जिले में 45 लोग मारे गए। शाहदरा में सबसे कम 16, मध्य जिले में 19 और नई दिल्ली, रोहिणी और दक्षिणी जिलों में 21 लोगों ने इन दुर्घटनाओं में जान गंवाई।
पदक्षिणपूर्व जिले में सबसे ज्यादा 222 हादसे हुए। दक्षिण पश्चिम में 192 और बाहरी उत्तरी जिले में 191, पश्चिमी जिले में 186 हादसे हुए। सबसे कम नई दिल्ली में 75 दुर्घटनाएं हुई हैं। शाहदरा में 77, रोहणी में 100 दुर्घटनाएं हुई हैं। दक्षिण-पूर्व जिले में सबसे ज्यादा (211) लोग घायल हुए हैं और सबसे कम संख्या में लोग (211) घायल हुए हैं. शाहदरा (63) में संख्या दर्ज की गई थी।
दिल्ली पुलिस डेटा के अनुसार, राजधानी में 2021 में 1206 गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जिसमें 1239 लोग मारे गए थे। वर्ष 2020 के मुकाबले वर्ष 2021 में सड़क हादसों में 3.6 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई थी। वर्ष 2020 में सड़क दुर्घटनाओं में 1163 लोग मारे गए थे।
माना जा रहा है कि वर्ष 2020 और वर्ष 2021 में कोरोना महामारी के कारण आम जनजीवन लंबे समय तक ठप रहा था और औद्योगिक गतिविधियां भी न होने से दुर्घटनाओं में कमी आई थी। कोरोना के नए वैरिएंट से भी बार-बार अंकुश लगाने पड़े। लेकिन वर्ष 2022 में ज्यादातर गतिविधियां सामान्य होने के बाद आवाजाही बढ़ी है। यह भी रोड एक्सीडेंट बढ़ने की एक वजह मानी जा रही है।
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