@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (27 मई, 2022)
दिल्ली की लेखिका गीतांजलि श्री के हिन्दी उपन्यास ‘रेत समाधि’ (टॉम्ब ऑफ सैंड) को अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरुस्कार मिला है। ‘रेत समाधि’ प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाला किसी भी भारतीय भाषा का पहला उपन्यास बन गया है। उनके उपन्यास को डेजी रॉकवेल ने अंग्रेज़ी में अनूदित किया है। यह 50,000 पाउंड के पुरस्कार के लिए चुने जाने वाला पहला हिन्दी भाषा का उपन्यास है। यह विश्व की उन 13 पुस्तकों में शामिल था, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार के लिए लिस्ट में शामिल किया गया था।
गीतांजलि श्री ने कई लघु कथाएं और उपन्यास लिखे हैं। उनके 2000 के उपन्यास ‘माई’ को 2001 में क्रॉसवर्ड बुक अवार्ड के लिए चुना गया था। उन्होंने 50,000 पौंड का अपना बुकर पुरुस्कार पुस्तक की अंग्रेजी अनुवादक, डेजी रॉकवेल के साथ साझा किया है।
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