@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (04 मई, 2022)
देश में बढ़ती महंगाई की चुनौती से निपटने के लिए आरबीआई गवर्नर ने बड़ा ऐलान किया है। केंद्रीय बैंक ने अर्थव्यवस्था में क्रेडिट फ्लो को नियंत्रित करने के लिए पालिसी रेपो रेट 40 बेसिस पॉइंट बढाकर 4.40% करने का ऐलान कर दिया। इस फैसले से बैंकों से क़र्ज़ लेना महंगा हो जाएगा।
आरबीआई ने ये फैसला रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और रूस पर लगे प्रतिबंधों की वजह से कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों और अंतराष्ट्रीय बाजार में गेहूं और खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में उथलपुथल को देखते हुए किया है।
आरबीआई गवर्नर ने अनुमान जताया है कि महंगाई अभी ऊंचे स्तर पर बनी रहेगी। देश में बढ़ती महंगाई के संकट से निपटने के लिए आख़िरकार आरबीआई गवर्नर ने पॉलिसी रेपो रेट, यानी वो रेट जिस पर रिजर्व बैंक अन्य बैंकों को कर्ज मुहैया कराता है, उस में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया।
रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति को लेकर आपातकालीन बैठक के बाद जारी बयान में कहा, खाद्य महंगाई ऊंचे स्तर पर बनी रहेगी, वैश्विक स्तर पर गेहूं की कमी से घरेलू स्तर पर गेहूं की कीमतों पर असर दिखाई दे रहा है। हालांकि देश में अनाज की आपूर्ति सामान्य है। खाद्य तेलों के दाम भी आगे और बढ़ सकते हैं, क्योंकि इंडोनेशिया द्वारा पॉम ऑयल के निर्यात पर प्रतिबंध का प्रभाव दिखाई देगा। कच्चे तेल के दाम भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं।
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