@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (15 अप्रैल, 2022)
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविंद के सपनों का भारत साकार होने के करीब है और इसके लिए पूरे समाज को साथ मिलकर काम करना होगा। कुंभ नगरी हरिद्वार में साधु संतों को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने ईश्वर और आम आदमी के बीच सेतु के तौर पर काम करने के लिए उनकी तारीफ की।
मोहन भागवत ने कहा कि हम अहिंसा की बात करेंगे, लेकिन हम अपने हाथ में छड़ी रखेंगे। हमारे मन में किसी के प्रति शत्रुता नहीं है, लेकिन दुनिया ताकत की भाषा सुनती है। इसलिए, हमारे पास वैसी शक्ति होनी चाहिए, जो दिखाई दे।’ मोहन भागवत ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संस्थापक केबी हेडगेवार ने इसके स्वयंसेवकों को धर्म की रक्षा के लिये ‘चौकीदारी’ की भूमिका सौंपी है।
मोहन भागवत ने कहा, ‘स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविंद के सपनों के भारत का साकार होने के करीब है। लोगों ने कहा कि इस गति से चले तब इसमें 20-25 साल लग जाएंगे, लेकिन अपने अनुभवों से मुझे लगता है कि यह आठ से 10 साल में साकार हो जाएगा। इसके लिए, पूरे समाज को साथ मिलकर काम करना होगा।
आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘भारत को अब बड़ा होना ही है। धर्म का उत्थान ही भारत का उत्थान है। भारत जो अपने उत्थान की पटरी पर चल पड़ा है, उसको पाए बिना अब रुकना नहीं है। इसको रोकने वाले या तो हट जाएंगे या मिट जाएंगे। ये नहीं रुकने वाला. यह ऐसी गाड़ी है, जिसका एक्सेलरेटर है, लेकिन ब्रेक नहीं है।’
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