उत्तराखंड के मंत्रिमंडल में गणेश जोशी, चंदनराम दास, प्रेमचंद्र अग्रवाल और सुबोध उनियाल ने साठ का पड़ाव पार कर लिया है। धन सिंह रावत 52 साल के हैं। सीएम सहित कुल तीन ही मंत्री ऐसे हैं, जिनकी उम्र 50 से कम है।
@शब्द दूत ब्यूरो (25 मार्च, 2022)
पांचवीं विधानसभा चुनावों की नतीजों के 13 दिन बाद मंत्रिमंडल का भी गठन हो ही गया है। चुनाव प्रचार के दौरान बार-बार युवा नेतृत्व-युवा सरकार की बात करने वाली भाजपा अपनी कथनी पर पूरी तरह खरी नहीं उतर पाई। भाजपा ने पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री मनोनीत कर युवा नेतृत्व तो दिया लेकिन मंत्रिमंडल के गठन में उम्रदराज नेताओं को ही तरजीह दी गई।
मंत्रिमंडल में शामिल चेहरों की 55.8 वर्ष की औसत आयु इसकी तस्दीक करती है। धामी मंत्रिमंडल में सतपाल महाराज सबसे उम्रदराज मंत्री हैं। गणेश जोशी, चंदनराम दास, प्रेमचंद्र अग्रवाल और सुबोध उनियाल ने भी साठ का पड़ाव पार कर लिया है। धन सिंह रावत 52 साल के हैं। सीएम सहित कुल तीन ही मंत्री ऐसे हैं, जिनकी उम्र 50 से कम है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी के मंत्रिमंडल में शामिल धन सिंह रावत सबसे पढ़े लिखे मंत्री हैं। उन्होंने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि से 2006 में डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की है। सीएम धामी, प्रेमचंद्र अग्रवाल, सुबोध उनियाल और रेखा आर्य ने परास्नातक किया हुआ है।
पहली बार मंत्री बने सौरभ बहुगुणा के पास वकालत की डिग्री है, जबकि चंदनराम दास ने स्नातक तक की पढ़ाई की है। मंत्रिमंडल के सबसे उम्रदराज नेताओं में शुमार सतपाल महाराज 12वीं पास हैं तो गणेश जोशी ने 10वीं तक की शिक्षा हासिल की है।
धामी मंत्रिमंडल में राज्य के 13 जिलों में से मात्र छह को ही प्रतिनिधित्व मिल पाया है। कुमाऊं मंडल से ऊधमसिंह नगर जिले से सीएम सहित दो और बागेश्वर व अल्मोड़ा जिले से एक-एक विधायक को मंत्रिमंडल में जगह मिली है।
वहीं गढ़वाल से पौड़ी से दो, टिहरी से एक और देहरादून जिले से दो विधायक मंत्री बने हैं। चंपावत, नैनीताल, पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और हरिद्वार जिले को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिल पाया।
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