@नई दिल्ली शब्द दूत ब्यूरो (20 मार्च 2022)
एक बार फिर कोरोना ने अपना रौद्र रूप दिखाया है। इस बार कोरोना के टारगेट पर चीन और दक्षिण पूर्व एशिया के साथ-साथ यूरोप के कुछ कुछ देश है, कोविड-19 महामारी की इस नई लहर को देखते हुए भारत सरकार भी सतर्क हो गई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों और स्वास्थ्य सचिवों के नाम चिट्ठी लिखकर उन्हें आगाह किया है। चिट्ठी में भूषण ने कहा है कि किसी प्रदेश का शासन-प्रशासन यह सोचकर लापरवाह न हो जाए कि अब नए कोरोना केस की संख्या चिंताजनक नहीं है। भूषण ने अपनी चिट्ठी में सबको चौकन्ना रहते हुए पांच बातों का ख्याल रखने को कहा है। इनमें जांच करन, पता लगाना, इलाज करना, टीकाकरण करना और कोविड अनुकूल व्यवहार करना शामिल है।
केंद्र सरकार ने कहा है कि प्रदेश लोगों को कोविड रोधी टीका लेने को प्रोत्साहित करते रहें। साथ ही, लोगों को फेस मास्क पहनते रहने, सार्वजनिक स्थलों या भीड़-भाड़ में एक-दूसरे से शारीरिक दूरी बरतने और साफ-सफाई पर ध्यान दें। चिट्ठी में कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बीते 25 फरवरी को प्रदेशों से आर्थिक गतिविधियां शुरू करने का सुझाव दिया था, वह चलता रहे लेकिन सतर्कता से बिल्कुल भी समझौता नहीं हो।
आपको बता दें कि चीन समेत कई देशों में कोरोना वायरस के ओमीक्रोन वेरियेंट की लहर लगातार तेज हो रही है। चीन के कई शहरों में कड़े लॉकडाउन लगाए जा रहे हैं। वहां ऐसी नौबत आ गई है कि अगले दो हफ्तों को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि अगर इन दो हफ्तों में नई कोरोना लहर पर काबू नहीं पाया गया तो चीन में भयंकर तबाही मच सकती है।
पड़ोसी देश होने के नाते भारत को अतिरिक्त सतर्कता बरतना स्वाभाविक है। वैसे भी होली के त्योहार में लोगों के बीच मिलना-जुलना हो रहा है। ऐसे में सरकारी मशीनरी के कान खड़े होना लाजिमी है।
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