@शब्द दूत ब्यूरो (19 मार्च, 2022)
विधानसभा चुनाव 2022 में कांग्रेस की करारी हार पर रार बनी हुई है। नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर शुरू हुई नई बयानबाजी में निवर्तमान नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने धारचुला विधायक हरीश धामी को जवाब दिया है। बकौल प्रीतम, अध्यक्ष-नेता प्रतिपक्ष, सीएम आदि पदों पर नियुक्ति का अधिकार हाईकमान है।
उन्होंने कहा कि यदि हाईकमान धारचूला विधायक हरीश धामी को नेता प्रतिपक्ष बनाने का निर्णय करता है तो मैं पार्टी के सिपाही की तरह उनके पीछे खड़ा हो जाउंगा। मेरे या किसी के कहने से कोई नियुक्ति नहीं होने वाली। गौरतलब है कि हरीश धामी ने प्रीतम सिंह पर हमला बोलते हुए खुद को नेता प्रतिपक्ष बनाने की मांग उठाई थी।
धामी का कहना था कि एक ही व्यक्ति को मंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष का पद दिया जाना कहां का इंसाफ है? बाकी विधायक क्या केवल वोट डालने भर के लिए हैं? प्रीतम सिंह ने कहा कि पद और नियुक्ति पर किसी भी प्रकार का विवाद नहीं होना चाहिए। यह अधिकार क्षेत्र हाईकमान है।
प्रीतम सिंह ने पार्टी नेताओं को चुनावी हार पर आरोप-प्रत्यारोप मीडिया-सोशल मीडिया पर न करने की अपील भी की। कहा कि, माना कि अप्रतयाशित हार से सभी में हताशा और गुस्सा है। लेकिन अपने मन की बात को पार्टी मंच पर रखना ही उचित होगा।
प्रीतम सिंह ने कहा कि चुनाव में महंगाई, बेरेाजगारी, भ्रष्टाचार, कोरोना काल में सरकार की नाकामी आदि मुद्दों को जनता ने दरकिनार कर दिया। जनता ने जो जनादेश दिया है, वो कांग्रेस को स्वीकार है। कांग्रेस सशक्त विपक्ष के रूप में जनता की आवाज बनकर काम करेगी।
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