@शब्द दूत ब्यूरो (16 मार्च, 2022)
पूर्व सीएम हरीश रावत और उनकी बेटी हरिद्वार ग्रामीण से निर्वाचित विधायक अनुपमा रावत ने छवि खराब करने को लेकर दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई हैं। हरीश रावत ने इस बात की जानकारी अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए साझा की है।
पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रसंग को मैं अपनी ओर से यहीं समाप्त करना चाहता हूं। एक बात स्पष्ट है कि कुछ ताकतें मुझको केवल मुस्लिम परस्त सिद्ध करना चाहती हैं। दूसरी बात यह भी सिद्ध है कि कुछ ताकतों को इस बार लगा कि कांग्रेस ने व्यूह रचना की है, उस व्यूह रचना में सफल होने जा रही है तो उन ताकतों को यह लगा कि बिना कोई मुस्लिम अस्त्र खोजे उनकी नैया पार नहीं हो सकती है। इसलिए मुस्लिम अस्त्र उन्हीं का गढ़ा हुआ है।
हरीश रावत ने अपनी पोस्ट मैं लिखा, मैंने जो FIR दर्ज करवाई है, उससे भी स्पष्ट है कि नकली अखबार और झूठा समाचार छापकर किस प्रकार से उसको भाजपा के सोशल मीडिया के सिपाहियों से लेकर उनके शीर्ष सिपाहियों ने भी उस अस्त्र का उपयोग हमारी व्यूह रचना को ध्वस्त करने और हरीश रावत की राजनीति ध्वस्त करने के लिए किया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, मैं राजनीति में जिंदा रहूं या न रहूं! मगर मैं मानवता परस्त हूं। मैं किसी जाति या धर्म परस्त नहीं हूं और मेरा धर्म, जिस पर मुझे अटूट विश्वास है, वह भी वसुधैव कुटुंबकम ही कहता है।
पोस्ट में उन्होंने बताया कि अब वही ताकतें उनकी बेटी अनुपमा की राजनीति पर भी ग्रहण लगाने के लिए झूठ का सहारा ले रही है। उनकी बेटी ने भी एक एफआईआर दर्ज की है। जिसमें उन्होंने शिकायत की है कि किस तरीके से एक झूठा बयान गढ़ा वे केवल मुसलमानों के वोट से जीती हैं।
हरीश रावत ने लिखा कि वह सर्व समाज के आशीर्वाद से जीती हुई बेटी है। हरिद्वार ग्रामीण के सर्वसमाज ने उसे अपनी बेटी मानकर विधायक का दायित्व सौंपा है। वह उसको निष्ठा पूर्वक निभाएंगी इसका मुझे भरोसा है।
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